ओडिशा

बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवात, ओडिशा सरकार ने तेज की तैयारियां

Ratna Netam
24 Oct 2026 8:43 PM IST
बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवात, ओडिशा सरकार ने तेज की तैयारियां
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भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती सिस्टम को लेकर ओडिशा सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावित चक्रवात 'अरनाब' के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों को आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। सरकार ने इस प्राकृतिक आपदा के दौरान 'शून्य जनहानि' का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और संभावित चक्रवात के प्रभाव से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को पहले से तैयार रहने को कहा गया है।
26 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान बनने की संभावना
उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना मौसम तंत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।इसके बाद यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर की सुबह तक इसके आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है।मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर की दोपहर को चक्रवात उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के बीच किसी स्थान पर तट से टकरा सकता है।हालांकि, चक्रवात का वास्तविक मार्ग, तीव्रता और तट से टकराने का समय मौसम संबंधी परिस्थितियों के आधार पर बदल सकता है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को चक्रवात के संभावित प्रभाव और उससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं, ताकि आपदा आने से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जा सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर सरकार पूरी सतर्कता बरत रही है। उन्होंने बताया कि संभावित चक्रवात के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।माझी ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसी भी स्थिति में जनहानि रोकना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
27 से 29 अक्टूबर तक भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 27 से 29 अक्टूबर के दौरान ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।मौसम विभाग के अनुसार, 27 और 29 अक्टूबर को राज्य के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है।तटीय आंध्र प्रदेश में भी 27 और 28 अक्टूबर को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसके चलते निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
तटीय जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश
संभावित चक्रवात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने प्रभावित होने की आशंका वाले जिलों के प्रशासन को सतर्क कर दिया है।राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि सरकार मौसम तंत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। जिला प्रशासन को भारी बारिश और तेज हवाओं से उत्पन्न होने वाली आपात स्थितियों के लिए तैयार रहने को कहा गया है।आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को जल्द बहाल करना है।
समुद्र में तेज हवाओं की आशंका, मछुआरों को चेतावनी
चक्रवात के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब होने की आशंका है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।पूर्वानुमान के अनुसार, 26 अक्टूबर से समुद्र में हवाओं की रफ्तार बढ़ सकती है। शुरुआती चरण में हवा की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग ने 26 से 29 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने के लिए नहीं जाने की चेतावनी दी है।
शून्य जनहानि सरकार की पहली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्पष्ट किया कि सरकार संभावित चक्रवात से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को समय रहते अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी।सरकार का जोर संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों, आपदा प्रबंधन और आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने पर है।फिलहाल मौसम विभाग चक्रवाती सिस्टम की गति और तीव्रता की लगातार निगरानी कर रहा है। 24 अक्टूबर तक 'अरनाब' का गठन नहीं हुआ है। सिस्टम के चक्रवाती तूफान में बदलने पर ही इसे यह नाम दिया जाएगा। तट से टकराने का सटीक स्थान और समय भी अभी निश्चित नहीं है।
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