
Punjab पंजाब: जालंधर में बिस्त दोआब नहर का किनारा टूटने से एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ गई। गुरुवार देर रात गदईपुर और कालिया कॉलोनी के पास नहर का तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद तेज बहाव का पानी आसपास के रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ने लगा। अचानक पैदा हुई इस स्थिति से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, स्थानीय लोगों की सूझबूझ और नहरी विभाग की तत्परता के चलते बड़े नुकसान को टालने का प्रयास किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना रात करीब 11 बजे की है। उस समय नहर में पानी का बहाव सामान्य से अधिक था। तेज दबाव के कारण नहर का किनारा टूट गया और बड़ी मात्रा में पानी आसपास के खाली प्लॉटों तथा निचले इलाकों में फैलने लगा। जैसे ही लोगों ने पानी को कॉलोनियों की ओर बढ़ते देखा, उन्होंने बिना किसी देरी के स्वयं बचाव कार्य शुरू कर दिया।
रेत और मिट्टी की बोरियों से रोका पानी
स्थानीय निवासियों ने हालात की गंभीरता को देखते हुए रेत और मिट्टी से भरी बोरियां एकत्र कीं और उन्हें टूटे हुए हिस्से तथा पानी के बहाव वाले स्थानों पर लगाना शुरू कर दिया। लोगों ने सामूहिक प्रयास करते हुए पानी को रिहायशी क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की।
रात के समय बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकल आए और बचाव कार्य में जुट गए। कई लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य साधनों से मिट्टी व रेत मंगवाकर अस्थायी अवरोध तैयार किए, ताकि पानी की दिशा बदली जा सके।
नहरी विभाग की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही नहरी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। विभाग की टीम ने स्थिति का जायजा लिया और तत्काल मरम्मत तथा बचाव कार्य शुरू किया। क्षतिग्रस्त हिस्से को बंद करने और पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए मशीनों और श्रमिकों की मदद ली गई।
अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकता पानी को आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकना और नहर के टूटे हिस्से की मरम्मत करना है। विभाग की टीमें पूरी रात मौके पर डटी रहीं।
रिहायशी इलाकों में दहशत का माहौल
नहर का पानी तेजी से कॉलोनियों की ओर बढ़ने की खबर फैलते ही लोगों में दहशत फैल गई। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने घरों से जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। हालांकि समय रहते बचाव कार्य शुरू होने से पानी को अधिकांश रिहायशी हिस्सों में प्रवेश करने से रोक लिया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि कुछ देर और होती तो कई घरों में पानी घुस सकता था, जिससे भारी नुकसान होने की आशंका थी।
प्रशासन ने स्थिति पर रखी नजर
प्रशासन और संबंधित विभागों ने पूरी रात स्थिति की निगरानी की। अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में निगरानी जारी रखी जाएगी। यदि जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त संसाधन और मशीनें भी मौके पर भेजी जाएंगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभागों को सूचना दें।
बार-बार सामने आ रही नहर टूटने की घटनाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिस्त दोआब नहर में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। उनका आरोप है कि नहर के किनारों की समय पर मरम्मत और मजबूती का काम नहीं होने के कारण हर वर्ष बरसात के मौसम में ऐसे हालात पैदा हो जाते हैं।
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर के कमजोर हिस्सों की वैज्ञानिक तरीके से मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्थिति फिलहाल नियंत्रण में
अधिकारियों के अनुसार, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। नहरी विभाग और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से पानी के बहाव को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है।
फिलहाल मरम्मत कार्य जारी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बरती जा रही है ताकि यदि जलस्तर में फिर वृद्धि हो तो समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।





