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पंजाब में कैंसर अधिसूचित बीमारी घोषित, रिकॉर्ड देना अनिवार्य

Saba Naaz
18 July 2026 8:21 PM IST
पंजाब में कैंसर अधिसूचित बीमारी घोषित, रिकॉर्ड देना अनिवार्य
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मोहाली। पंजाब सरकार ने कैंसर को अधिसूचित बीमारी घोषित करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव किया है। अब मोहाली जिले के सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए कैंसर मरीजों का पूरा रिकॉर्ड सरकार को उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य कैंसर से जुड़े सही आंकड़े जुटाना और बीमारी के फैलाव, इलाज तथा रोकथाम के लिए बेहतर योजनाएं तैयार करना है।

स्वास्थ्य विभाग के नए निर्देशों के अनुसार, मोहाली जिले के सभी सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, लैब, नर्सिंग होम, आयुष संस्थान, बीमा कंपनियां और कैंसर मरीजों का रिकॉर्ड रखने वाले अन्य संस्थानों को हर मरीज की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। इसके लिए सभी संस्थानों को अलग से कैंसर रजिस्टर तैयार करना होगा, जिसमें पुराने और नए मरीजों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि कैंसर मरीजों की जानकारी छिपाने या रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर महामारी रोग अधिनियम-1897 सहित अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

नए नियमों के तहत सभी स्वास्थ्य संस्थानों को हर महीने नए कैंसर मरीजों और इलाज करा रहे मरीजों की रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय को भेजनी होगी। इसके लिए जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाएगा, जिस पर सभी संबंधित संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। सिविल सर्जन कार्यालय की जिम्मेदारी होगी कि जिले के सभी अस्पताल और लैब समय पर कैंसर से जुड़ी रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

सरकार का मानना है कि कैंसर मरीजों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार होने से बीमारी की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। अभी तक कई मामलों में मरीजों की संख्या और बीमारी के फैलाव को लेकर सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पाते थे। नए सिस्टम के लागू होने से यह पता लगाया जा सकेगा कि जिले में कैंसर के कितने मामले सामने आ रहे हैं, कौन-कौन से आयु वर्ग इससे प्रभावित हैं और किस तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है।

इन आंकड़ों के आधार पर सरकार कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम, जांच सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और उपचार योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर सकेगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सही डेटा मिलने से कैंसर की रोकथाम और समय पर इलाज की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।

इस फैसले के बाद मोहाली जिले में कैंसर मरीजों की निगरानी और उपचार व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने की तैयारी है। सभी सरकारी और निजी संस्थानों को एक समान प्रक्रिया के तहत मरीजों की जानकारी दर्ज करनी होगी, जिससे स्वास्थ्य विभाग के पास एक केंद्रीकृत रिकॉर्ड तैयार हो सके।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मरीजों की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। डेटा का उपयोग केवल स्वास्थ्य योजनाओं और बीमारी नियंत्रण से जुड़े कार्यों के लिए किया जाएगा। मरीजों की निजता का ध्यान रखते हुए ही रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ लड़ाई में सटीक आंकड़ों की अहम भूमिका होती है। बीमारी की सही स्थिति का पता होने से सरकार और स्वास्थ्य संस्थान समय पर संसाधनों की व्यवस्था कर सकते हैं। पंजाब सरकार का यह कदम कैंसर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

अब मोहाली जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को नए नियमों का पालन करते हुए कैंसर मरीजों की जानकारी नियमित रूप से स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। इससे भविष्य में कैंसर के मामलों की पहचान, उपचार और रोकथाम के लिए बेहतर रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।

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