
मानसा। पंजाब के मानसा जिले में अकाली नेता और पूर्व जिला परिषद सदस्य दलवीर सिंह उर्फ काला जवंधा पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस के अनुसार, मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपित गुरमीत सिंह उर्फ मीता हथियार बरामदगी के दौरान हुई मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, फायरिंग की वारदात में इस्तेमाल किए गए पिस्टल को बरामद करने के लिए टीम आरोपित गुरमीत सिंह को गांव दातेवास लेकर गई थी। इसी दौरान आरोपित ने कथित तौर पर पहले से लोड पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके बाएं पैर में लगी और वह मौके पर ही घायल होकर गिर गया।
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत घायल आरोपित को अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों का कहना है कि उपचार के बाद उससे आगे की पूछताछ की जाएगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में उसके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे और फायरिंग के पीछे पूरी साजिश क्या थी।
उपमंडल पुलिस अधिकारी सिकंदर सिंह चीमा ने बताया कि 13 जुलाई की शाम करीब साढ़े सात बजे बरेटा की अनाज मंडी में अकाली नेता दलवीर सिंह उर्फ काला जवंधा पर हमला किया गया था। बताया गया कि दलवीर सिंह अपनी आढ़त की दुकान से गांव कुलरियां लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन पर फायरिंग की गई। हमले में गोली उनके पेट में लगी थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने गुरमीत सिंह उर्फ मीता को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस उसे वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के लिए लेकर गई थी।
पुलिस का दावा है कि बरामदगी के दौरान आरोपित ने पुलिस टीम पर हमला करने की कोशिश की। उसने पिस्टल से फायर किया, जिसमें गोली पुलिस की बोलेरो गाड़ी में लगी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपित घायल हो गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में गांव कुलरियां निवासी राजवीर सिंह उर्फ राजू, रवि शर्मा और गांव दातेवास निवासी गुरमीत सिंह उर्फ मीता सहित अन्य लोगों को नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता दलवीर सिंह ने आरोप लगाया था कि जमीन विवाद के चलते रवि शर्मा और राजवीर सिंह ने गुरमीत सिंह को उकसाकर उन पर हमला करवाया।
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी थी। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अब फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में शामिल अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
अकाली नेता पर हुए हमले के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई थी। अब मुख्य आरोपित के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद मामले में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि इस हमले के पीछे असली कारण क्या था और इसमें कितने लोग शामिल थे।





