
जालंधर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के जालंधर पहुंचकर राज्य और देश को कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दी। हरियाणा और चंडीगढ़ के कार्यक्रमों के बाद पीएम मोदी जालंधर पहुंचे, जहां उन्होंने अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत 75 पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने अमृतसर से वाराणसी के बीच चलने वाली नई रेल सेवा को हरी झंडी दिखाई और जनसभा को संबोधित किया।
जालंधर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाबी अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। पीएम मोदी मंच पर हरे रंग की पगड़ी पहनकर पहुंचे। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत पंजाबी भाषा में की और कहा, "पंजाबियों, किवें हो? चढ़दी कलां च हो या नहीं?" प्रधानमंत्री के इस अंदाज ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया और पूरे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जालंधर आज विकास के एक नए उत्सव का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य हर नागरिक की सेवा करना, लोगों का जीवन आसान बनाना और सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार 'नागरिक देवो भवः' के मंत्र के साथ काम कर रही है।
पीएम मोदी ने बताया कि इससे पहले उन्हें जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने का अवसर मिला। इसके अलावा कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय का शिलान्यास भी किया गया, जो सिख गुरुओं के इतिहास, विचारों और विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जालंधर दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने कुल 5470 करोड़ रुपये की रेल और सड़क परियोजनाओं की शुरुआत की। इसमें जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन सहित देशभर के 75 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन शामिल है। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृतसर से वाराणसी के बीच चलने वाली नई "श्री संत रविदास एक्सप्रेस" ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई। यह रेल सेवा पंजाब और उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी। इसके अलावा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के 30.9 किलोमीटर लंबे पैकेज-6 का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 25.2 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले ग्रीनफील्ड दक्षिणी लुधियाना बाईपास की आधारशिला भी रखी गई।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की हरे रंग की पगड़ी भी चर्चा का विषय रही। पंजाब में हरे रंग की पगड़ी को किसान संस्कृति, कृषि परंपरा और हरियाली का प्रतीक माना जाता है। पीएम मोदी के इस पहनावे को पंजाब के किसानों और राज्य की कृषि विरासत के सम्मान के संदेश के रूप में देखा गया।
प्रधानमंत्री ने जालंधर के लोगों की स्वच्छता और स्वागत की पहल की भी सराहना की। उन्होंने गुरु रविदास जी के समरसता और समानता के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने तेजा सिंह समुद्री के राष्ट्रसेवा में योगदान को भी याद किया।
जालंधर दौरे के दौरान पीएम मोदी ने डेरा बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने वहां मौजूद विद्यार्थियों से बातचीत भी की। कार्यक्रम में पंजाब भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब और सिख गुरुओं के प्रति विशेष लगाव रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी देकर केंद्र सरकार राज्य के विकास को गति दे रही है।
कार्यक्रम के दौरान पंजाब को नशा मुक्त बनाने और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। नेताओं ने कहा कि पंजाब के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
प्रधानमंत्री के दौरे को विकास योजनाओं के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली। मंच के पीछे श्री हरमंदिर साहिब की तस्वीर और पंजाबियत को दर्शाने वाली सजावट लोगों के आकर्षण का केंद्र रही।
प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात रहे। बहुस्तरीय जांच के बाद ही लोगों को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश दिया गया।
पीएम मोदी का जालंधर दौरा पंजाब में विकास, आधुनिक रेलवे सुविधाओं और बेहतर सड़क संपर्क के संदेश के साथ समाप्त हुआ। 5470 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।





