नई दिल्ली: डीएमके सदस्यों ने मंगलवार को लोकसभा से वॉकआउट किया और दावा किया कि उन्हें निचले सदन में संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन का मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी गई।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही डीएमके सदस्य प्रश्नकाल के दौरान परिसीमन का मुद्दा उठाने की कोशिश करने लगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वह प्रश्नकाल के बाद उन्हें बोलने की अनुमति देंगे।
डीएमके सदस्यों द्वारा अपनी मांग पर अड़े रहने पर बिरला ने कहा, "अभी यह मुद्दा नहीं उठता। जनगणना नहीं हुई है।"
इसके बाद डीएमके सांसद लोकसभा से वॉकआउट कर गए।
डीएमके नेता के कनिमोझी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, "हमें (परिसीमन का) मुद्दा उठाने का समय नहीं दिया गया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने परिसीमन से प्रभावित राज्य के नेताओं को बुलाया है। सरकार ने तमिलनाडु द्वारा उठाई गई चिंताओं का जवाब नहीं दिया है। हमें यह मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। हम इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्टता चाहते हैं।"





