तमिलनाडू

तमिलनाडु में 100 करोड़ की ड्रग्स जब्त

Rajeshwari Nishad
18 Oct 2026 10:49 PM IST
तमिलनाडु में 100 करोड़ की ड्रग्स जब्त
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नागपट्टिनम। तमिलनाडु में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने नागपट्टिनम जिले के एक गांव से 137 किलोग्राम क्रिस्टल मेथाम्फेटामाइन जब्त की है। जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस खेप को समुद्र के रास्ते श्रीलंका भेजने की तैयारी थी। मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अदालत में पेश किए जाने के बाद आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस कार्रवाई को समुद्री रास्तों के जरिए होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, खेप कहां से लाई गई थी, इसे श्रीलंका तक पहुंचाने की योजना में कौन-कौन शामिल था और इसके पीछे किसी बड़े तस्करी नेटवर्क की भूमिका है या नहीं, इन सवालों की जांच की जा रही है।
नागपट्टिनम के गांव में हुई कार्रवाई
राजस्व खुफिया निदेशालय देश में तस्करी और अवैध व्यापार से जुड़े मामलों की जांच करने वाली प्रमुख एजेंसियों में से एक है। नागपट्टिनम जिले में की गई इस कार्रवाई में अधिकारियों ने 137 किलोग्राम क्रिस्टल मेथाम्फेटामाइन बरामद की। इस खेप की कीमत अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार के अनुमान के आधार पर करीब 100 करोड़ रुपये बताई गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मादक पदार्थ को समुद्री मार्ग से श्रीलंका पहुंचाने की योजना थी। तमिलनाडु का समुद्र तट श्रीलंका के निकट होने के कारण इस क्षेत्र में समुद्री आवाजाही और संभावित तस्करी गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां नजर रखती हैं।
हालांकि, अधिकारियों की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी से आगे बरामदगी के सटीक स्थान, छापेमारी के समय और मादक पदार्थ को छिपाकर रखने के तरीके जैसे विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्या है क्रिस्टल मेथाम्फेटामाइन?
क्रिस्टल मेथाम्फेटामाइन एक अत्यधिक नशीला और शक्तिशाली कृत्रिम उत्तेजक पदार्थ है। इसे आम तौर पर क्रिस्टल मेथ या मेथ के नाम से भी जाना जाता है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है और इसके सेवन से व्यक्ति की हृदय गति, रक्तचाप तथा शरीर के तापमान में खतरनाक बदलाव हो सकते हैं।
इस पदार्थ के सेवन से नींद में कमी, बेचैनी, आक्रामक व्यवहार, भ्रम और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर निर्भरता और अन्य गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं। अधिक मात्रा में इसका सेवन जानलेवा भी हो सकता है।
इसी वजह से कई देशों में क्रिस्टल मेथाम्फेटामाइन के अवैध निर्माण, कब्जे और तस्करी पर कड़े प्रतिबंध हैं। बड़ी मात्रा में इसकी बरामदगी होने पर एजेंसियां आम तौर पर इसके स्रोत, वितरण व्यवस्था और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करती हैं।
समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजने की योजना
इस मामले का अहम पहलू यह है कि जब्त की गई खेप को समुद्र के रास्ते श्रीलंका भेजने की तैयारी थी। तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच समुद्री दूरी कम होने के कारण तस्कर समुद्री मार्गों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे मामलों में छोटी नौकाओं, तटीय गांवों और समुद्र से जुड़े संपर्कों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
हालांकि, इस मामले में मादक पदार्थों को किस स्थान से समुद्र में ले जाने की योजना थी, क्या किसी नाव का इस्तेमाल होना था और खेप को श्रीलंका में किसे सौंपा जाना था, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए तस्करी के पूरे नेटवर्क के बारे में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
डीआरआई की जांच में इन सवालों के जवाब तलाशे जाने की संभावना है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि जब्त पदार्थ का निर्माण कहां हुआ और क्या इसके पीछे अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय था।
चार आरोपित गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। न्यायिक हिरासत का अर्थ है कि आरोपितों को अदालत के आदेश के तहत जेल में रखा जाएगा। यह अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
जांच एजेंसी गिरफ्तार लोगों की भूमिका, उनके आपसी संपर्क और मादक पदार्थों की खेप से उनके संबंधों की पड़ताल कर सकती है। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बरामदगी से जुड़े दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी से तस्करी की योजना के बारे में क्या सामने आता है।
तस्करी के नेटवर्क का पता लगाना अहम
137 किलोग्राम क्रिस्टल मेथाम्फेटामाइन की बरामदगी और इसकी करीब 100 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है। इतनी बड़ी खेप के पीछे आपूर्ति, परिवहन और संभावित खरीदारों से जुड़ी कई कड़ियां हो सकती हैं। ऐसे में केवल खेप जब्त करना ही नहीं, बल्कि उसके स्रोत और गंतव्य से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डीआरआई ने नागपट्टिनम जिले के एक गांव से मादक पदार्थ जब्त किया है और चार लोगों को गिरफ्तार किया है। खेप को समुद्र के रास्ते श्रीलंका भेजने की तैयारी होने की बात सामने आई है। जांच आगे बढ़ने के साथ तस्करी के तरीके और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।
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