
चेन्नई: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को मध्य प्रदेश में कफ सिरप से हुई मौतों से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच के तहत तमिलनाडु औषधि नियंत्रण विभाग और श्रीसन फार्मा के अधिकारियों से जुड़े कार्यालयों और आवासों पर छापेमारी शुरू की। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
केंद्रीय एजेंसी कथित तौर पर चेन्नई और कांचीपुरम ज़िलों में कम से कम सात जगहों पर तलाशी ले रही है।
मध्य प्रदेश में 24 बच्चों की मौत से जुड़े कफ सिरप का निर्माण करने वाली दवा कंपनियों में से एक, श्रीसन फार्मा के मालिक को चेन्नई में गिरफ्तार किया गया और 10 अक्टूबर को छिंदवाड़ा में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि ईडी ने अपनी जाँच शुरू करने के लिए दो प्राथमिकी का संज्ञान लिया है। पहली प्राथमिकी मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा कफ सिरप से हुई मौतों के संबंध में दर्ज की गई है।
दूसरी प्राथमिकी तमिलनाडु के सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) द्वारा जुलाई में तमिलनाडु औषधि नियंत्रण विभाग के तत्कालीन कार्यवाहक निदेशक पी.यू. कार्तिकेयन के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले से संबंधित है। कार्तिकेयन को डीवीएसी ने वेल्लोर स्थित एक सौंदर्य प्रसाधन निर्माता से साबुन बनाने का सरकारी लाइसेंस दिलाने के बदले 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। बाद में उन्हें डीवीएसी ने गिरफ्तार कर लिया।





