तमिलनाडू

तिरुचि और विरुधुनगर में सांबा मिर्च की वैल्यू-एडेड इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा: Nirmala Sitharaman

Kavita2
19 July 2026 9:27 AM IST
तिरुचि और विरुधुनगर में सांबा मिर्च की वैल्यू-एडेड इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा: Nirmala Sitharaman
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तिरुचिरापल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली और विरुधुनगर जिलों में प्रसिद्ध जीआई (Geographical Indication) प्रमाणित सांबा मिर्च की वैल्यू-एडेड (मूल्य-संवर्धित) इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल कच्चे कृषि उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

शनिवार को तिरुचिरापल्ली में आयोजित 'उझावर प्रोड्यूसर्स कंपनी' (ग्लोबल एग्रो चिली कंपनी) के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि यह पहल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह कंपनी जीआई प्रमाणित सांबा मिर्च से विभिन्न मूल्य-संवर्धित उत्पाद तैयार करेगी, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ नए बाजारों तक पहुंच बनाने में भी सहायता मिलेगी।

निर्मला सीतारमण ने बताया कि इस परियोजना की शुरुआत सेंट्रल स्मॉल इंडस्ट्रीज़ डेवलपमेंट बैंक (SIDBI) के वित्तीय सहयोग से की गई है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि किसानों को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक प्रभावी मॉडल है। उनके अनुसार, इस तरह की किसान उत्पादक कंपनियां कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं।

उन्होंने कहा कि 'उझावर प्रोड्यूसर्स कंपनी' किसानों को केवल अपने उत्पाद बेचने का मंच ही उपलब्ध नहीं कराएगी, बल्कि उन्हें ऋण सुविधा, तकनीकी मार्गदर्शन, आधुनिक प्रसंस्करण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन जैसी अनेक आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराएगी। इससे किसान अपनी उपज का अधिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे और उनकी आय में स्थायी वृद्धि होगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि भारत सरकार का उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े प्रत्येक चरण में सहयोग देना है। उन्होंने कहा कि यदि कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण किया जाए और उन्हें मूल्य-संवर्धित उत्पादों के रूप में बाजार में उतारा जाए, तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

उन्होंने सांबा मिर्च की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह तमिलनाडु की एक पारंपरिक और विशिष्ट कृषि उपज है, जिसे उसकी गुणवत्ता और विशिष्ट स्वाद के कारण भौगोलिक संकेतक (GI) का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस पहचान का लाभ किसानों तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि किसानों को संगठित कर किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीओ) के माध्यम से आगे बढ़ाना केंद्र सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसान यदि सामूहिक रूप से उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन का कार्य करें, तो उनकी लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा। 'उझावर प्रोड्यूसर्स कंपनी' इसी सोच का एक सफल उदाहरण है।

उन्होंने SIDBI की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि इस संस्था ने वित्तीय सहायता प्रदान कर किसानों की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अनुसार, वित्तीय संस्थानों और किसान उत्पादक संगठनों के बीच इस प्रकार का सहयोग कृषि आधारित उद्योगों के विकास में अहम भूमिका निभा सकता है।

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीक और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक हर स्तर पर सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मूल्य-संवर्धन और कृषि प्रसंस्करण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आर्थिक प्रगति केवल सरकारी सहायता से संभव नहीं है, बल्कि किसानों, वित्तीय संस्थानों, उद्योगों और विपणन एजेंसियों के सामूहिक प्रयासों से ही कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। 'उझावर प्रोड्यूसर्स कंपनी' इस दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है, जो देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है।

समारोह में उपस्थित किसानों और स्थानीय उद्यमियों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे सांबा मिर्च उत्पादकों को बेहतर बाजार, अधिक आय और नई व्यावसायिक संभावनाएं प्राप्त होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल का सफलतापूर्वक विस्तार किया गया, तो तमिलनाडु सहित देश के अन्य कृषि क्षेत्रों में भी मूल्य-संवर्धित कृषि उद्योगों को नई गति मिल सकती है।

कार्यक्रम के अंत में निर्मला सीतारमण ने किसानों से आधुनिक कृषि पद्धतियों, प्रसंस्करण तकनीकों और सामूहिक विपणन व्यवस्था को अपनाने की अपील की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि किसान उत्पादक कंपनियों के माध्यम से कृषि क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी और भारत कृषि आधारित उद्योगों के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।

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