तमिलनाडू

तत्काल योजना के तहत पंजीकृत किसानों को बिना देरी बिजली कनेक्शन दे सरकार: G.K. Vasan.

Kavita2
18 July 2026 9:20 AM IST
तत्काल योजना के तहत पंजीकृत किसानों को बिना देरी बिजली कनेक्शन दे सरकार: G.K. Vasan.
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चेन्नई : तमिल मनीला कांग्रेस (टीएमसी/टीएएमएजीए) के अध्यक्ष जी.के. वासन ने तमिलनाडु सरकार से मांग की है कि 'तत्काल' प्रणाली के तहत बिजली कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों को बिना किसी और देरी के कृषि बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि किसानों ने सरकार की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक राशि जमा कर दी है, लेकिन लंबे समय से बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनकी खेती और आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

सरकार की ओर से जारी जानकारी का हवाला देते हुए वासन ने कहा कि तमिलनाडु में तत्काल बिजली कनेक्शन योजना के तहत लगभग 50,000 किसानों से कुल 1,250 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसानों को अब तक बिजली कनेक्शन नहीं मिल सके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास किसानों की जमा राशि होने के बाद भी यदि उन्हें समय पर सुविधा नहीं मिल रही है, तो यह चिंता का विषय है।

वासन ने कहा कि कृषि क्षेत्र तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और राज्य के लाखों किसान सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भर हैं। समय पर बिजली कनेक्शन नहीं मिलने के कारण किसान अपने खेतों में बोरवेल और सिंचाई पंपों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है और उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। बीज, उर्वरक, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी पर किसानों का खर्च पहले ही बढ़ चुका है। ऐसे में यदि उन्हें बिजली कनेक्शन के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़े, तो उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ जाती हैं। सरकार को किसानों की कठिनाइयों को समझते हुए इस मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

टीएएमएजीए अध्यक्ष ने कहा कि तत्काल योजना का उद्देश्य ही यह था कि निर्धारित शुल्क जमा करने वाले किसानों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। यदि योजना के तहत राशि लेने के बाद भी वर्षों तक कनेक्शन नहीं दिया जाता है, तो इससे योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक कितने किसानों को कनेक्शन दिए जा चुके हैं और कितने आवेदन लंबित हैं।

वासन ने मांग की कि लंबित सभी आवेदनों की समीक्षा कर समयबद्ध कार्यक्रम बनाया जाए। इसके साथ ही किसानों को उनके आवेदन की स्थिति की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाकर किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई के लिए नियमित और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति कृषि उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि किसानों को समय पर बिजली कनेक्शन मिल जाए, तो वे आधुनिक सिंचाई व्यवस्था का बेहतर उपयोग कर सकते हैं, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ उत्पादन में भी वृद्धि होगी। इससे किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

वासन ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में किसानों ने सरकार पर भरोसा करते हुए निर्धारित राशि जमा की, लेकिन अपेक्षित समय में सुविधा नहीं मिलने से उनमें निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के विश्वास को बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द लंबित बिजली कनेक्शन जारी करने चाहिए। इससे कृषि क्षेत्र को भी राहत मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बिजली वितरण व्यवस्था में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि कृषि बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। यदि तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर कोई समस्या है, तो उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

वासन ने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत किए बिना राज्य के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। किसानों को समय पर बिजली, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार के लिए सरकार को बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ लंबित सेवाओं का शीघ्र निपटारा करना चाहिए।

उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि तत्काल योजना के तहत पंजीकृत सभी किसानों को बिना किसी और देरी के बिजली कनेक्शन प्रदान किए जाएं। साथ ही भविष्य में ऐसी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए, ताकि किसानों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का भी मानना है कि समय पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध होने से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और किसान मौसम के अनुसार खेती की योजना बेहतर ढंग से बना सकेंगे। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। ऐसे में अब किसानों और कृषि संगठनों की निगाहें तमिलनाडु सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह लंबित बिजली कनेक्शनों के मुद्दे का समाधान कितनी शीघ्रता से करती है।

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