
Telangana तेलंगाना: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को कागजनगर में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विशेष रूप से तुम्मिडीहट्टी बैराज परियोजना और धान खरीद नीति पर सवाल उठाए और कहा कि किसानों के हितों के मामले में केंद्र और पड़ोसी राज्य सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि तुम्मिडीहट्टी बैराज आदिलाबाद जिले में लगभग 2.5 लाख एकड़ जमीन की सिंचाई करेगा और परियोजना पूरी होने पर लाखों एकड़ भूमि को ग्रेविटी फ्लो के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने इसे करोड़ों रुपये खर्च किए गए कालेश्वरम प्रोजेक्ट से तुलना करते हुए कहा कि आदिलाबाद के किसानों तक अभी तक वहां से पानी नहीं पहुंचा।
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बातचीत करने की अपील भी की और चेतावनी दी कि यदि किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया, तो महाराष्ट्र को इसके नतीजे भुगतने होंगे। रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह मामला केवल जल संसाधन का नहीं है, बल्कि किसानों के जीविकोपार्जन और कृषि विकास से जुड़ा हुआ है।
धान खरीद की नीति को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि किसानों के उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। रेवंत रेड्डी ने कहा कि किसानों को न्याय दिलाना और उनके हक की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तुम्मिडीहट्टी बैराज परियोजना आदिलाबाद के किसानों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह बैराज न केवल सिंचाई की सुविधा देगा बल्कि खेती की उत्पादकता और किसानों की आमदनी में भी सुधार लाएगा। रेवंत रेड्डी ने परियोजना को जल्दी पूरा करने के लिए केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से सहयोग की मांग की।
रेवंत रेड्डी ने भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं को अनदेखा कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के हितों की रक्षा नहीं की गई, तो यह राजनीतिक दृष्टि से भी गंभीर परिणाम ला सकता है। उन्होंने जनसभा में मौजूद किसानों से भरोसा जताया कि राज्य सरकार उनकी मांगों और हितों के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री की यह जनसभा आदिलाबाद जिले के किसानों के बीच उत्साह और चर्चा का विषय बनी रही। उन्होंने अपने भाषण में यह भी बताया कि जल परियोजनाओं और कृषि विकास को प्राथमिकता देने से राज्य में रोजगार और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।





