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Tripura त्रिपुरा : मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को कहा कि राज्य की भाजपा सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विजन के तहत विकास और जनकल्याण के एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ा रही है। सरकार का विशेष ध्यान बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याण पर है। मुख्यमंत्री ने दक्षिण त्रिपुरा के गोमती जिले के उदयपुर स्थित राजर्षि हॉल में 105.73 करोड़ रुपए की लागत वाली 11 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य त्रिपुरा के सभी क्षेत्रों का विकास करना है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा और केंद्र की भाजपा सरकार समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने अभूतपूर्व विकास देखा है और लोगों के हित में लगातार जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, कैंसर, क्रॉनिक किडनी डिजीज और अल्कोहलिक फैटी लिवर जैसी गैर-संचारी बीमारियों के कारण देश में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है और त्रिपुरा भी इससे प्रभावित है।
उन्होंने कहा कि इन बीमारियों की पहचान गंभीर होने से पहले करना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार ने 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों की जांच के लिए राज्यव्यापी स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू किया है। सरकार ने हर साल 15 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि रोकथाम के उपायों के बिना ‘सुस्थ त्रिपुरा’ (स्वस्थ त्रिपुरा) का सपना पूरा नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री निरामय आरोग्य अभियान, एकीकृत प्रयोगशाला नेटवर्क और स्टॉप डायरिया अभियान जैसी कई स्वास्थ्य योजनाएं शुरू की हैं।
उन्होंने कहा कि अब लोगों को जांच के लिए राज्य से बाहर या निजी लैब में जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार आधुनिक सुविधाओं के साथ स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर रही है ताकि हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए सिविल अस्पताल की शुरुआत 50 बिस्तरों के साथ हुई है। इसमें सभी प्रमुख चिकित्सा विभाग उपलब्ध हैं और यहां 24 घंटे ओपीडी सेवाएं दी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो राज्य के बाकी 19 नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में भी ऐसे अस्पताल बनाए जाएंगे, ताकि सरकारी अस्पतालों में कॉरपोरेट अस्पतालों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बुनियादी ढांचे के विकास पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को 105.73 करोड़ रुपए की 11 परियोजनाओं का उद्घाटन करने के अलावा सरकार ने पूरे राज्य में विकास कार्यों की गति तेज की है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में उन्होंने करीब 1,500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। वहीं चालू वित्त वर्ष में अब तक 121 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन या शुभारंभ किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसके लिए 10,000 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय निर्धारित किया गया है। हाल ही में आयोजित डेस्टिनेशन त्रिपुरा कॉन्क्लेव 2026 का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम उम्मीद से बेहतर रहा और इससे राज्य में निवेशकों का बढ़ता भरोसा दिखाई दिया।
उन्होंने बताया कि देश और विदेश से 1,200 से अधिक प्रतिनिधियों ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया। सरकार का लक्ष्य 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश समझौते (एमओयू) करने का था, लेकिन अंततः 1.21 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के एचआईआरए मॉडल (हाईवे, इंटरनेटवे, रेलवे और एयरवे) ने पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव किया है और त्रिपुरा की पहचान देशभर में मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि अब पूरे देश के लोग त्रिपुरा को जानते हैं। राज्य ने केंद्र सरकार की कई प्रमुख योजनाओं और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिसका सीधा लाभ लोगों को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और त्रिपुरा को विभिन्न क्षेत्रों में 350 से अधिक राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। सरकार आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखते हुए कई भविष्य उन्मुख परियोजनाओं पर काम कर रही है।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय, समाज कल्याण मंत्री टिंकू रॉय, विधायक अभिषेक देबरॉय और जितेंद्र मजूमदार, सचिव किरण गित्ते और पी.के. चक्रवर्ती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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