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उत्तर प्रदेश
बैंक्वेट हॉल में लगी भीषण आग, अंदर फंसे 10 लोगों को सुरक्षित निकाला
Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 11:01 PM IST

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नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में मंगलवार शाम एक बड़ा अग्निकांड होते-होते टल गया। सेक्टर-73 स्थित शौर्य बैंक्वेट हॉल में अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में बैंक्वेट हॉल का बड़ा हिस्सा उसकी चपेट में आ गया। घटना के समय परिसर के अंदर मौजूद 10 लोग फंस गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझाने के लिए नोएडा के अलावा गाजियाबाद से भी दमकल की गाड़ियां मंगानी पड़ीं।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब चार बजे शौर्य बैंक्वेट हॉल के अंदर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआत में धुएं की मात्रा कम थी, लेकिन कुछ ही देर बाद आग की लपटें नजर आने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग बैंक्वेट हॉल की फॉल्स सीलिंग में शुरू हुई थी। इसके बाद आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते हॉल का बड़ा हिस्सा उसकी चपेट में आ गया।
अचानक आग लगने से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। परिसर के अंदर मौजूद लोगों ने सुरक्षित बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन तेजी से फैलती आग और धुएं के कारण 10 लोग अंदर फंस गए। स्थिति गंभीर होती देखकर दमकल विभाग को सूचना दी गई।घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर सबसे पहले आग की स्थिति का आकलन किया। इस दौरान उनकी प्राथमिकता परिसर के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना थी।दमकलकर्मियों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए अंदर मौजूद सभी 10 लोगों को बाहर निकाला। सभी के सुरक्षित निकल आने से एक बड़ी जनहानि टल गई। बचाव कार्य पूरा होने के बाद दमकल विभाग ने आग बुझाने के अभियान को तेज कर दिया।
बताया जा रहा है कि बैंक्वेट हॉल के अंदर आग काफी फैल चुकी थी। फॉल्स सीलिंग में लगी आग के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई थी। दमकलकर्मियों को आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास करना पड़ा।आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल गाड़ियों की आवश्यकता पड़ी। नोएडा की टीमों के साथ गाजियाबाद से भी दमकल वाहन बुलाए गए। दोनों स्थानों से पहुंची टीमों ने संयुक्त रूप से आग बुझाने का अभियान चलाया।करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद दमकलकर्मियों ने प्रभावित हिस्सों का निरीक्षण किया, ताकि आग दोबारा भड़कने की आशंका को कम किया जा सके।
घटना के दौरान बैंक्वेट हॉल के आसपास भी लोगों की भीड़ जमा हो गई। आग की लपटें और धुआं दिखाई देने से आसपास मौजूद लोग चिंतित हो गए। दमकल विभाग की गाड़ियों के मौके पर पहुंचने के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू हुआ।
इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उपलब्ध शुरुआती जानकारी में किसी व्यक्ति की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, आग से बैंक्वेट हॉल की संपत्ति को कितना नुकसान पहुंचा है, इसका आधिकारिक आकलन सामने नहीं आया है।आग लगने के कारणों को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। शुरुआती जानकारी में आग की शुरुआत फॉल्स सीलिंग से होने की बात सामने आई है, लेकिन आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।आमतौर पर बैंक्वेट हॉल जैसे बड़े आयोजनों वाले परिसरों में बिजली के उपकरणों, सजावट के सामान, फॉल्स सीलिंग और अन्य सामग्री का व्यापक उपयोग किया जाता है। ऐसी जगहों पर अग्नि सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बंद परिसरों में आग लगने की स्थिति में धुआं तेजी से फैल सकता है। कई बार आग की लपटों से पहले धुआं ही लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने में बाधा बन जाता है। इसलिए सार्वजनिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों में आपातकालीन निकास की व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।बैंक्वेट हॉल में विवाह समारोह, पारिवारिक कार्यक्रम और अन्य बड़े आयोजन होते रहते हैं। ऐसे परिसरों में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के उपस्थित रहने की संभावना होती है। यदि किसी कार्यक्रम के दौरान आग लग जाए तो हालात अधिक गंभीर हो सकते हैं।
इसी कारण अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, उनकी नियमित जांच, कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण और निकासी के रास्तों का खुला रहना आवश्यक है।नोएडा की इस घटना ने सार्वजनिक समारोह स्थलों की अग्नि सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। बैंक्वेट हॉल में आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पर्याप्त निकासी मार्ग मौजूद थे या नहीं, यह विस्तृत निरीक्षण का विषय है।इसके अलावा परिसर में आग बुझाने के उपकरणों की उपलब्धता और उनकी स्थिति का परीक्षण भी महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, इन व्यवस्थाओं में किसी विशेष कमी की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद अग्निशमन विभाग के सामने यह पता लगाने की चुनौती भी है कि आग फॉल्स सीलिंग में किस कारण लगी और वह इतनी तेजी से कैसे फैल गई। जांच के निष्कर्षों से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधारों की पहचान हो सकती है।इस घटना ने यह भी दिखाया कि किसी भी अग्निकांड में समय पर राहत एवं बचाव दल का पहुंचना कितना महत्वपूर्ण होता है। दमकलकर्मियों की तत्परता से परिसर में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना संभव हुआ।फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पाने की सूचना है। अग्निकांड से हुए नुकसान और आग लगने के वास्तविक कारणों के संबंध में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
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