उत्तर प्रदेश

कौशांबी में शिक्षिका प्रकरण की एबीएसए करेंगे जांच

Saba Naaz
18 July 2026 4:44 PM IST
कौशांबी में शिक्षिका प्रकरण की एबीएसए करेंगे जांच
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कौशांबी: एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के सामने चाकू और चापड़ लहराने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद उन्हें ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) कौशांबी से संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच एबीएसए मूरतगंज को सौंपी गई है। निलंबन अवधि के दौरान शिक्षिका को जीवन निर्वाह के लिए आधा वेतन ही दिया जाएगा।

मामला कड़ा विकास खंड क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय का है, जहां तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापिका पर आरोप है कि वह 17 जुलाई को विद्यालय पहुंचीं और अपने साथ चाकू व चापड़ लेकर आई थीं। आरोप है कि उन्होंने स्कूल परिसर में बच्चों और स्टाफ के सामने दोनों हथियारों को लहराया और धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस घटना से विद्यालय में मौजूद छात्र और शिक्षक डर गए।

बताया जा रहा है कि प्रधानाध्यापिका ने बच्चों के सामने कहा था कि वह अपनी सुरक्षा के लिए चाकू-चापड़ रखती हैं और यदि कोई उन्हें गाली देगा तो वह उसे नुकसान पहुंचा देंगी। उनके इस व्यवहार के बाद स्कूल का माहौल तनावपूर्ण हो गया। कई बच्चे डर के कारण स्कूल से बाहर निकल गए और घर चले गए।

घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने एबीएसए सिराथू को मौके पर भेजकर पूरे मामले की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान विद्यालय के बच्चों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए।

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बीएसए ने तत्काल प्रभाव से इंचार्ज प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही उन्हें बीआरसी कौशांबी से संबद्ध कर दिया गया है, ताकि जांच पूरी होने तक वह विद्यालय में कार्य न कर सकें। विभाग ने मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी एबीएसए हिना सिद्दीकी को सौंपी है।

इस मामले में पुलिस कार्रवाई भी की गई है। विद्यालय के सहायक अध्यापक विकास सिंह की तहरीर पर सैनी थाना पुलिस ने प्रधानाध्यापिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने जांच के दौरान उनके पास से चाकू और चापड़ बरामद किए जाने की बात कही है। अब पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तरों पर मामले की जांच जारी है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपित प्रधानाध्यापिका प्रयागराज शहर की रहने वाली हैं और पिछले करीब 13 वर्षों से कड़ा विकास खंड के इसी विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात थीं। लंबे समय से कार्यरत होने के कारण विद्यालय और क्षेत्र में उनकी पहचान थी, लेकिन इस घटना के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई की।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी शिक्षक या कर्मचारी द्वारा ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता, जिससे छात्रों में डर का माहौल पैदा हो। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल प्रधानाध्यापिका निलंबित हैं और जांच पूरी होने तक उन्हें बीआरसी कौशांबी से संबद्ध रहना होगा। इस घटना ने स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।

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