उत्तर प्रदेश

गवाही से गायब पूर्व कोतवाल पर एक्शन, आजम खां केस में कोर्ट का कड़ा रुख

Saba Naaz
28 July 2026 3:43 PM IST
गवाही से गायब पूर्व कोतवाल पर एक्शन, आजम खां केस में कोर्ट का कड़ा रुख
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रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां के खिलाफ चल रहे गवाह को धमकाने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में गवाही देने के लिए लगातार गैरहाजिर चल रहे पूर्व शहर कोतवाल गजेंद्र पाल त्यागी के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। अदालत ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि पूर्व कोतवाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए। इस मामले में अब अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।

एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में सोमवार को इस मामले की सुनवाई होनी थी। अभियोजन पक्ष की ओर से पूर्व शहर कोतवाल गजेंद्र पाल त्यागी की गवाही होनी थी, लेकिन वह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इससे पहले भी न्यायालय ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी किए थे, लेकिन इसके बावजूद वह गवाही देने नहीं पहुंचे।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने बताया कि पूर्व कोतवाल के लगातार अदालत में पेश नहीं होने के कारण न्यायालय ने अब उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर आदेश दिया है कि उन्हें गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश किया जाए। अब इस मामले की सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की गई है।

यह मामला गवाह को धमकाने से जुड़ा हुआ है। रामपुर के मुहल्ला बेरियान निवासी नन्हे की ओर से 17 अगस्त 2022 को शहर कोतवाली में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि वह डूंगरपुर प्रकरण से जुड़े एक मामले में वादी हैं। डूंगरपुर मामले में भी आजम खां आरोपी हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि घटना के दिन कुछ लोग उनके घर पहुंचे थे और आजम खां के खिलाफ अदालत में गवाही देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आजम खां समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।

मामले में आजम खां और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं और अब गवाही की प्रक्रिया चल रही है। अभियोजन पक्ष ने घटना के समय शहर कोतवाली प्रभारी रहे गजेंद्र पाल त्यागी को मुख्य गवाहों में शामिल किया है। घटना के समय वह शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

अदालत में उनकी गवाही काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वह उस समय पुलिस अधिकारी के रूप में मामले की कार्रवाई से जुड़े हुए थे। लेकिन कई तारीखों से उनके न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इसी को देखते हुए कोर्ट ने कड़ा कदम उठाते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया है।

वहीं, आजम खां के खिलाफ एक अन्य मामले में भी सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। यह मामला क्वालिटी बार की जगह कब्जाने से जुड़ा हुआ है। इसमें मुकदमे के वादी क्वालिटी बार संचालक गगन अरोड़ा की गवाही होनी थी, लेकिन वह भी पिछली कई तारीखों से अदालत में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। इस मामले में भी न्यायालय ने उनके खिलाफ वारंट जारी किए हैं।

आजम खां से जुड़े कई मामले लंबे समय से अदालतों में विचाराधीन हैं। इनमें डूंगरपुर प्रकरण, गवाह को धमकाने का मामला और अन्य मुकदमे शामिल हैं। अदालत लगातार सभी मामलों में सुनवाई पूरी करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पूर्व कोतवाल की गिरफ्तारी और अदालत में पेशी के बाद इस मामले की आगे की कार्रवाई तय होगी।

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