उत्तर प्रदेश

बचपन में छूटा माता-पिता का साथ, अपराध की दुनिया में बढ़ता गया अंकित

Ratna Netam
17 July 2026 7:24 PM IST
बचपन में छूटा माता-पिता का साथ, अपराध की दुनिया में बढ़ता गया अंकित
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Etawah इटावा : इटावा और शिकोहाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चेन लूटकांड के मास्टरमाइंड बदमाश अंकित को मुठभेड़ में मार गिराया गया। पुलिस के अनुसार, तीन जुलाई को एक नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर से टहलने के दौरान हुई चेन लूट की घटना की साजिश अंकित ने ही रची थी। इस मामले में एक सप्ताह पहले गिरफ्तार किए गए उसके साथी से पूछताछ के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर अंकित की तलाश की जा रही थी।

पुलिस के मुताबिक, अंकित ने अपने साथियों के साथ मिलकर डॉक्टर से चेन लूट की योजना बनाई थी। जांच के दौरान सामने आया कि वह इस वारदात का मुख्य आरोपी था। पुलिस को जब उसकी गतिविधियों की जानकारी मिली तो टीम ने घेराबंदी की और कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में अंकित मारा गया।

मुठभेड़ में मारे गए बदमाश अंकित का मूल निवास भरथना क्षेत्र के रमायन गांव का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से अपने परिवार से अलग रह रहा था। तीन भाइयों में सबसे छोटा अंकित बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में ज्यादा रुचि नहीं लेता था। परिवार में माता-पिता की मौत के बाद उसकी जिंदगी में काफी बदलाव आया और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया में चला गया।

अंकित के पिता कृष्णचंद्र बाथम की मौत करीब 15 साल पहले बीमारी के कारण हो गई थी। उस समय अंकित की उम्र महज आठ साल थी। इसके बाद करीब 13 साल की उम्र में उसकी मां का भी निधन हो गया। माता-पिता के निधन के बाद परिवार का सहारा कमजोर हो गया और अंकित गलत संगत में पड़ता चला गया।

अंकित के बड़े भाई हरिनारायण कानपुर में रहकर मजदूरी करते हैं, जबकि दूसरे नंबर के भाई दीपचंद्र उर्फ दीपू भरथना के मोतीगंज मोहल्ले में चाय की दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। भाई दीपचंद्र के अनुसार, अंकित करीब सात साल पहले दिल्ली चला गया था, जहां उसने परिवार के एक रिश्तेदार के साथ रहकर नौकरी की थी।

करीब दो साल पहले 2024 में अंकित वापस अपने घर लौटा और भाई दीपचंद्र के साथ रहने लगा। लेकिन घर लौटने के बाद भी उसका व्यवहार नहीं बदला। कुछ समय बाद उसने बसरेहर क्षेत्र में ऑटो लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ था और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

जेल से बाहर आने के बाद अंकित ने कुछ समय तक अपने भाई के साथ चाय की दुकान संभालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसका झुकाव दोबारा अपराध की ओर बढ़ गया। 28 जनवरी 2025 को वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। इसके बाद उसने फिर से आपराधिक गतिविधियों में शामिल होना शुरू कर दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंकित लगातार अपराधों में सक्रिय था और उसके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज थे। चेन लूट की घटना के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। गिरफ्तार साथी से मिली जानकारी के बाद पुलिस को उसकी भूमिका के बारे में पता चला।

इटावा और शिकोहाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद अब पुलिस उसके अन्य साथियों और आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि चेन लूट जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इस कार्रवाई को पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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