उत्तर प्रदेश

SIR विवाद पर भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी का कांग्रेस सपा पर बड़ा हमला

Ratna Netam
16 Oct 2026 10:04 PM IST
SIR विवाद पर भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी का कांग्रेस सपा पर बड़ा हमला
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लखनऊ। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी गठबंधन के नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। पंकज चौधरी ने कहा कि चुनावी हार के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग पर आरोप लगाना विपक्ष की आदत बन गई है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों से अपनी सरकारों के संबंध में भी वही तर्क लागू करने को कहा, जो वे निर्वाचन आयोग के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना
पत्रकारों से बातचीत करते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसे दल लगातार देश की संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने पहले भी चुनावी प्रक्रिया पर संदेह पैदा करने का प्रयास किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, राजनीतिक दलों को चुनाव परिणामों का सम्मान करना चाहिए और किसी भी शिकायत का समाधान संवैधानिक प्रक्रिया के तहत तलाशना चाहिए।उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं का उद्देश्य केवल चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाना नहीं, बल्कि देश में अस्थिरता पैदा करना भी है।
केरल और कर्नाटक सरकारों के इस्तीफे का उठाया मुद्दा
पंकज चौधरी ने विपक्षी दलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है, तो यही तर्क उन राज्यों में भी लागू होना चाहिए, जहां विपक्षी दलों की सरकारें हैं।उन्होंने केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को इन राज्यों की सरकारों के संबंध में भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब भी विपक्षी दल चुनाव हारते हैं, तो वे ईवीएम और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगते हैं।हालांकि, यह उनका राजनीतिक तर्क है। निर्वाचन आयोग की किसी प्रक्रिया को चुनौती देना अपने आप में किसी निर्वाचित राज्य सरकार के इस्तीफे की संवैधानिक आवश्यकता नहीं बनाता।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया
पंकज चौधरी का बयान ऐसे समय आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विभिन्न विपक्षी दल और छात्र संगठन विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस और मंडी हाउस सहित कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई।दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था और लागू प्रतिबंधों का हवाला देते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
SIR को लेकर विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची की जांच और उसे अद्यतन करता है।कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष ने विशेष रूप से गरीब, प्रवासी और वंचित समुदायों के मतदाताओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की है।वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में मृत, दोहरी और अन्य अपात्र प्रविष्टियों की पहचान करना है। आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों से इनकार किया है।
सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा मतदाता सूची का विवाद
SIR से संबंधित विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं की याचिका पर शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।याचिका में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से संबंधित फैसलों को चुनौती दी गई है।सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को भी नोटिस जारी किया है। अदालत ने संबंधित याचिका को पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ने का निर्देश दिया है।
लोकतांत्रिक तरीके से सरकार बदलने पर जोर
पंकज चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार बदलने का संवैधानिक रास्ता चुनाव है। राजनीतिक दलों को जनता के फैसले और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका का सम्मान करना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी राजनीतिक विरोध को ऐसी दिशा में ले जा रहे हैं, जिससे देश में अस्थिरता पैदा हो सकती है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्ष से संवैधानिक प्रक्रियाओं के प्रति भरोसा बनाए रखने की अपील की।फिलहाल SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। जहां भाजपा नेता विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कांग्रेस और अन्य दल मतदाता अधिकारों की सुरक्षा तथा चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
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