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बलिया में साइबर सेंध, ICICI बैंक के खातों से 14 लाख उड़ाए

बलिया: साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के आईसीआईसीआई बैंक के दो खातों से 14 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। ठगी की यह घटना भीमपुरा थाना क्षेत्र के चरौंवा गांव से जुड़ी है। पीड़ित को जब अपने बैंक खातों से बड़ी रकम गायब होने की जानकारी मिली तो उसने तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामले की जांच के लिए एफआईआर को नोएडा साइबर थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, चरौंवा गांव के अस्थायी निवासी कामेश्वर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 जुलाई 2026 को साइबर अपराधियों ने उनके आईसीआईसीआई बैंक के दो खातों को निशाना बनाया। ठगों ने एक ही दिन में अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 14,07,716.38 रुपये की रकम निकाल ली।
पीड़ित के अनुसार, पहले बैंक खाते से शाम करीब चार बजे से पांच बजे के बीच लगातार 18 ट्रांजेक्शन किए गए। इन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 11,45,216.38 रुपये खाते से निकाल लिए गए। इसके बाद दूसरे बैंक खाते से भी पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से 2,62,500 रुपये की निकासी कर ली गई। कुछ ही समय में दोनों खातों से लाखों रुपये गायब होने के बाद पीड़ित को साइबर ठगी का पता चला।
कामेश्वर सिंह ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से ठगी गई रकम वापस दिलाने की गुहार भी लगाई है। पीड़ित ने यह भी अनुरोध किया कि मामले की जांच उनके स्थायी निवास क्षेत्र नोएडा से कराई जाए, जिसके बाद एफआईआर को नोएडा साइबर थाने में ट्रांसफर कर दिया गया।
भीमपुरा थाना प्रभारी रंजीत विश्वकर्मा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एफआईआर नोएडा साइबर थाने को भेज दी गई है। अब आगे की विवेचना साइबर पुलिस द्वारा की जाएगी। पुलिस साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए डिजिटल ट्रांजेक्शन, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारी की जांच करेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। कई बार फर्जी कॉल, नकली लिंक, स्क्रीन शेयरिंग ऐप, ओटीपी और निवेश के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की जाती है। ऐसे मामलों में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है।
गौरतलब है कि भीमपुरा पुलिस ने इससे पहले भी साइबर अपराध से जुड़े एक मामले में कार्रवाई की थी। केंद्रीय जीएसटी विभाग के नाम से भेजे गए फर्जी नोटिस के जरिए 72.76 लाख रुपये की साइबर ठगी के प्रयास को पुलिस ने विफल किया था। जांच के दौरान फर्जी ई-मेल और डिजिटल स्रोतों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कराया गया था।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा न करें। बैंक से संबंधित जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर जानकारी दें।
साइबर अपराध के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पुलिस के अनुसार, समय रहते शिकायत मिलने पर बैंकिंग चैनल के जरिए ठगी गई रकम को रोकने की संभावना बढ़ जाती है। बलिया के इस मामले में भी पुलिस अब डिजिटल सबूतों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की जांच कर साइबर ठगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।





