उत्तर प्रदेश

BJP की पदयात्रा का दूसरा दिन, नितिन नवीन संभालेंगे मोर्चा

Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 2:05 PM IST
BJP की पदयात्रा का दूसरा दिन, नितिन नवीन संभालेंगे मोर्चा
x
गोरखपुर : भारतीय जनता पार्टी के देशव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत बुधवार, 4 नवंबर 2026 को कई राज्यों में पदयात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अभियान के दूसरे दिन गोरखपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके अलावा दिल्ली, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और बिहार के पूर्णिया में भी बड़े स्तर पर पदयात्राओं का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
भाजपा इस अभियान के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करने का संदेश दे रही है। पार्टी का कहना है कि विपक्षी दल चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर देश में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, विपक्ष मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की मांग कर रहा है। ऐसे में पदयात्राओं को दोनों पक्षों के बीच जारी राजनीतिक टकराव के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गोरखपुर में नितिन नवीन और योगी आदित्यनाथ की पदयात्रा
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बुधवार को भाजपा बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली जाएगी।यह पदयात्रा महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू होकर लगभग 1,200 मीटर की दूरी तय करते हुए गोलघर स्थित काली मंदिर के पास सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंचेगी।सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ पदयात्रा का समापन होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
यूपी में तीन दिनों के दौरान छह शहरों में कार्यक्रम
भाजपा ने उत्तर प्रदेश में तीन दिनों के दौरान छह प्रमुख शहरों में पदयात्राएं आयोजित करने की योजना बनाई है।अभियान की शुरुआत मंगलवार, 3 नवंबर को लखनऊ और बरेली से हुई थी। लखनऊ में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।वहीं, बरेली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पदयात्रा में भाग लेते हुए विपक्षी दलों की आलोचना की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी सवाल उठाए।बुधवार को गोरखपुर के अलावा प्रयागराज और कानपुर में भी पदयात्राएं प्रस्तावित हैं। प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और कानपुर में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।इसके बाद 5 नवंबर को गाजियाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पदयात्रा आयोजित की जाएगी।इस अभियान के जरिए भाजपा विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और विपक्ष के राजनीतिक आरोपों का जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है।
भोपाल में जेपी नड्डा और मोहन यादव संभालेंगे मोर्चा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी बुधवार को भाजपा की बड़ी पदयात्रा आयोजित की जा रही है।इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शामिल होंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पदयात्रा अटल पथ से शुरू होकर रोशनपुरा चौराहे तक जाएगी।भाजपा ने इस आयोजन में कार्यकर्ताओं के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की है।पार्टी नेताओं का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से जनता को लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी जाएगी।भोपाल की पदयात्रा को मध्य प्रदेश में भाजपा के बड़े जनसंपर्क कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
दिल्ली में रेखा गुप्ता और अर्जुन राम मेघवाल होंगे शामिल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है।पूर्वी दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा के शामिल होने का कार्यक्रम है।दिल्ली भाजपा इस अभियान के जरिए विपक्ष के आरोपों का राजनीतिक जवाब देने के साथ कार्यकर्ताओं को जनता के बीच सक्रिय करने की कोशिश कर रही है।पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है।वहीं, विपक्षी दलों का तर्क है कि मतदाता सूची और चुनाव से जुड़े मामलों में सवाल उठाना भी लोकतांत्रिक अधिकार है।इसी राजनीतिक मतभेद के बीच भाजपा की पदयात्राओं को महत्व मिल रहा है।
पूर्णिया में हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई में पदयात्रा
बिहार के पूर्णिया में भी भाजपा ने बुधवार को प्रमंडल स्तरीय पदयात्रा आयोजित करने की तैयारी की है।इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा नेता दिलीप जायसवाल प्रमुख रूप से शामिल होंगे।पूर्णिया के जिला स्कूल मैदान से पदयात्रा शुरू करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसमें पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिलों के कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों को आमंत्रित किया गया है।सीमांचल क्षेत्र में इस कार्यक्रम को भाजपा के महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।पार्टी नेतृत्व का कहना है कि पदयात्रा का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और जनजागरण का संदेश देना है।
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों पर भी नजर
गोरखपुर में पदयात्रा के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कई संगठनात्मक बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पदयात्रा के बाद वे तारामंडल स्थित एनेक्सी भवन में प्रबुद्ध वर्ग के लोगों से संवाद करेंगे। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी।शाम को उत्तर प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की बैठक भी प्रस्तावित है।गुरुवार, 5 नवंबर को नितिन नवीन गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद वे पार्टी के पूर्व पदाधिकारियों, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे।राजनीतिक दृष्टि से इन बैठकों को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।भाजपा संगठन को मजबूत करने, पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने तथा आगामी चुनाव के लिए रणनीति तैयार करने पर जोर दे रही है।
विपक्ष के 'वोट चोरी' अभियान का जवाब देने की रणनीति
भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान विपक्षी इंडिया गठबंधन के 'वोट चोरी' संबंधी आरोपों के जवाब में चलाया जा रहा है।भाजपा नेताओं का आरोप है कि विपक्ष चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जनता के बीच अविश्वास पैदा कर रहा है। हालांकि, ये भाजपा के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।दूसरी ओर, विपक्ष मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के मुद्दे उठा रहा है।ऐसे में आने वाले दिनों में भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
Next Story