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Chandausi से लौटे यात्रियों को मुरादाबाद रूट पर बसों के बदलाव से परेशानी

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: गुजरात से परिवार के साथ मजदूरी कर लौटे सत्यवीर और अन्य यात्रियों को मुरादाबाद रूट पर बसों के बदलाव ने सोमवार को काफी परेशान किया। सत्यवीर ने बताया कि वे एक जून की दोपहर अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) पहुंचे, लेकिन वहां पता चला कि अब मुरादाबाद रूट पर चलने वाली बसें फाउंड्री नगर स्थित सेटेलाइट बस अड्डे से ही मिलेगी।
सत्यवीर ने बताया कि आइएसबीटी से फाउंड्री नगर तक पहुंचने के लिए उन्हें ई-रिक्शा का 150 रुपये भाड़ा देना पड़ा। यात्रियों की भीड़ दोनों डिपो के पूछताछ केंद्रों पर लगी रही, और लोग लगातार बसों के न आने-जाने का कारण जानने की कोशिश करते रहे।
एक जून को ही अलीगढ़, मुरादाबाद और मेरठ रूट पर जाने वाले अधिकांश यात्रियों की स्थिति भी यही रही। कई यात्रियों को सेटेलाइट बस अड्डे तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। कुछ को फाउंड्री नगर पहुंचने के बाद आगे जाने के लिए दूसरी सिटी बस पकड़नी पड़ी।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने कहा कि अचानक रूट परिवर्तन की वजह से कई यात्रियों को अतिरिक्त समय और पैसे खर्च करने पड़े। विशेषकर जो लोग पहली बार इस बदलाव की जानकारी नहीं रखते थे, उन्हें फाउंड्री नगर तक आने में काफी मुश्किल हुई। यात्रियों का कहना है कि प्रशासन को इस तरह के बदलाव से पहले व्यापक सूचना देना चाहिए ताकि लोग अपनी यात्रा की योजना आसानी से बना सकें।
बस अड्डे पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि यह बदलाव मुरादाबाद रूट की भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट के कारण किया गया है। हालांकि, यात्रियों का कहना है कि उचित सूचना न मिलने की वजह से उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ी।
सत्यवीर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमें आइएसबीटी से बस पकड़ने की उम्मीद थी, लेकिन हमें फाउंड्री नगर पहुंचने के लिए 150 रुपये अतिरिक्त देने पड़े। यह बहुत असुविधाजनक था, खासकर हमारे जैसे मजदूर परिवारों के लिए।”
स्थानीय यातायात विभाग ने बताया कि रूट परिवर्तन यात्रियों की सुविधा और बस सेवा की बेहतर व्यवस्था के लिए किया गया है, लेकिन इस प्रक्रिया में सूचना और मार्गदर्शन की कमी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी। विभाग ने आश्वासन दिया कि भविष्य में इस तरह के बदलाव से पहले यात्रियों को समय पर जानकारी देने की व्यवस्था की जाएगी।
इस बदलाव से प्रभावित यात्रियों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि बसों के रूट परिवर्तन और नए अड्डों की जानकारी सोशल मीडिया, लोकल समाचार चैनलों और बस अड्डों पर बैनरों के जरिए पहले से दी जाए। उन्होंने कहा कि इससे समय की बचत होगी और यात्रियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यात्रियों की यह समस्या दिखाती है कि रूट परिवर्तन के निर्णय लेने से पहले यात्रियों की सुविधा और सूचना का महत्व कितना जरूरी है। आने वाले समय में प्रशासन की ओर से उचित योजना और सूचना व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।





