- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- वायरल और मौसमी बुखार...
वायरल और मौसमी बुखार के मरीज बढ़े, डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द

चित्रकूट। जिले में फिलहाल स्वाइन फ्लू का कोई मरीज सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल और मौसमी बुखार के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। खासकर बाढ़ प्रभावित और उसके आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जुकाम, खांसी और बुखार से पीड़ित लोग इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। सभी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और जिला अस्पताल में एहतियात के तौर पर आइसोलेशन वार्ड भी संचालित कर दिया गया है।
मौसम में बदलाव और बाढ़ के बाद कई इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने लगी हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में बड़ी संख्या वायरल और मौसमी बुखार से पीड़ित लोगों की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल स्वाइन फ्लू का कोई पुष्ट मरीज नहीं मिला है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए पहले से तैयारियां की जा रही हैं।
तीन दिनों में दो हजार से अधिक मरीज पहुंचे
जिला अस्पताल की ओपीडी के आंकड़े मरीजों की बढ़ती संख्या की ओर इशारा कर रहे हैं। बुधवार को अस्पताल में कुल 589 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई। इससे पहले मंगलवार को 832 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे, जबकि सोमवार को 754 से अधिक मरीजों की ओपीडी हुई थी।
इस तरह तीन दिनों में ही दो हजार से अधिक मरीज जिला अस्पताल पहुंच चुके हैं। इनमें प्रतिदिन करीब आधे मरीज मौसमी बुखार और वायरल संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
जुकाम, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण डॉक्टरों पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अस्पताल में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर
स्वास्थ्य विभाग का सबसे अधिक फोकस बाढ़ प्रभावित इलाकों और उनके आसपास के गांवों पर है। बाढ़ के बाद जलभराव, दूषित पानी और गंदगी के कारण कई तरह के संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच रही हैं।
सीएमओ डॉ. महेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही है। ग्रामीणों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और उन्हें संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई रखने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि किसी भी संक्रामक बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके और जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाए।
डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द
वायरल और मौसमी बीमारियों के बढ़ते मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इसका उद्देश्य अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों की जांच और उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
विशेष रूप से बुखार, खांसी और सांस से संबंधित परेशानी वाले मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
आइसोलेशन वार्ड भी किया गया संचालित
संभावित संक्रमण को देखते हुए जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड भी संचालित कर दिया गया है। फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं मिला है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहता है।
आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था होने से संदिग्ध मरीज मिलने की स्थिति में उसे अन्य मरीजों से अलग रखकर निगरानी और उपचार किया जा सकेगा। इससे अस्पताल में संक्रमण फैलने के खतरे को कम करने में भी मदद मिलेगी।
ग्रामीणों को बांटी जा रही दवाएं
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीणों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा रही हैं। इसके साथ लोगों को साफ पानी पीने, आसपास गंदगी जमा नहीं होने देने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी जा रही है।
बाढ़ के बाद कई स्थानों पर पानी जमा रहने से मच्छरों और अन्य संक्रमण फैलाने वाले कारकों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ घर और आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कह रहा है।
बुखार को नजरअंदाज न करने की सलाह
मौसमी बदलाव के दौरान सामान्य वायरल बुखार के मामले बढ़ना आम बात है, लेकिन लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या खांसी बढ़ने जैसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीण इलाकों में लोगों को बीमारी के लक्षणों के प्रति जागरूक भी कर रही है। विभाग का जोर इस बात पर है कि लोग खुद से दवा लेने के बजाय जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आने से राहत है, लेकिन वायरल और मौसमी बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द करने से लेकर आइसोलेशन वार्ड तैयार करने और बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीम भेजने तक कई कदम उठाए गए हैं। आने वाले दिनों में भी मरीजों की संख्या और बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की नजर बनी रहेगी।





