उत्तर प्रदेश

इलाज की जगह झाड़-फूंक, सर्पदंश पीड़ित किशोर ने तोड़ा दम

Ratna Netam
18 July 2026 5:18 PM IST
इलाज की जगह झाड़-फूंक, सर्पदंश पीड़ित किशोर ने तोड़ा दम
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Auraiya औरैया : उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में सर्पदंश की एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम लिधौरा में 13 वर्षीय किशोर की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। समय पर उपचार मिलने के बावजूद परिजन अंधविश्वास के चलते किशोर को झाड़-फूंक कराने के लिए कई स्थानों पर ले गए, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम लिधौरा निवासी अंश शाक्य (13) शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे घर के बाहर बैठकर मोबाइल चला रहा था। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उसके पैर में डंस लिया। बताया जा रहा है कि सांप के काटने के बाद अंश ने तुरंत इसकी जानकारी किसी को नहीं दी और सामान्य स्थिति में अपनी मां स्वाति और दादी के साथ धान की रोपाई के लिए खेत चला गया।

खेत से वापस लौटने के कुछ समय बाद अंश की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसे चक्कर आने लगे और शरीर में कमजोरी महसूस होने लगी। इसके बाद उसने परिजनों को बताया कि उसे घर के बाहर सांप ने काट लिया था। जानकारी मिलते ही परिवार के लोग घबरा गए और उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले गए।

परिजनों ने किशोर को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, जहरीले सांप के काटने के कारण उसके शरीर में जहर फैल गया था, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई।

हालांकि, चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद भी परिजन इस बात को स्वीकार नहीं कर पाए। वे अंधविश्वास के चलते किशोर को बचाने की उम्मीद में झाड़-फूंक कराने के लिए उसे इटावा और मध्य प्रदेश तक लेकर गए। परिवार को उम्मीद थी कि किसी तरह की तंत्र-मंत्र या उपचार से किशोर की जान बचाई जा सकती है।

कई स्थानों पर ले जाने के बाद भी जब कोई फायदा नहीं हुआ तो आखिरकार शनिवार को परिजन अंश का शव लेकर वापस गांव पहुंचे। किशोर की मौत की खबर फैलते ही गांव में मातम छा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों के अनुसार, सर्पदंश के मामलों में समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है। झाड़-फूंक और देरी के कारण कई बार पीड़ित की स्थिति और गंभीर हो जाती है। विशेषज्ञ भी लोगों को सलाह देते हैं कि सांप काटने की घटना के बाद तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए और किसी भी तरह के अंधविश्वास से बचना चाहिए।

घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश को लेकर जागरूकता की जरूरत को सामने ला दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जहरीले सांप के काटने पर एंटी स्नेक वेनम ही प्रभावी उपचार होता है। ऐसे मामलों में समय की बहुत अहम भूमिका होती है।

फिलहाल, किशोर की मौत के बाद गांव में शोक व्याप्त है। परिजनों ने अपने बच्चे को खो दिया, वहीं यह घटना लोगों को यह संदेश भी दे गई कि सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल चिकित्सकीय उपचार को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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