उत्तर प्रदेश

छात्र के सिर को तबला बनाकर बजाने का वीडियो वायरल, सरकारी स्कूल का शिक्षक सस्पेंड

Kavita2
9 Oct 2026 3:03 PM IST
छात्र के सिर को तबला बनाकर बजाने का वीडियो वायरल, सरकारी स्कूल का शिक्षक सस्पेंड
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इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वीडियो में शिक्षक कथित तौर पर एक छात्र के सिर को तबले की तरह बजाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया है। निलंबित शिक्षक की पहचान दिनेश कुमार माथुर के रूप में हुई है। इस घटना ने स्कूल में बच्चों के साथ शिक्षकों के व्यवहार और विद्यार्थियों की गरिमा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो एक कक्षा के भीतर रिकॉर्ड किया गया था। इसमें शिक्षक कुर्सी पर बैठे दिखाई देते हैं, जबकि एक बच्चा उनके सामने जमीन पर बैठा हुआ है। आरोप है कि शिक्षक बच्चे के सिर पर तबला बजाने जैसी हरकत कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इस वीडियो को शिक्षक ने स्वयं रिकॉर्ड किया और बाद में अपने फेसबुक अकाउंट पर अपलोड कर दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला शिक्षा विभाग तक पहुंचा और शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इटावा जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा यह मामला सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद चर्चा में आया। वायरल वीडियो में शिक्षक दिनेश कुमार माथुर कक्षा के अंदर कुर्सी पर बैठे नजर आते हैं।

उनके सामने एक छात्र जमीन पर बैठा हुआ दिखाई देता है। इसी दौरान शिक्षक कथित तौर पर छात्र के सिर का इस्तेमाल तबले की तरह करते नजर आते हैं।

वीडियो में दिखाई देने वाली इस हरकत को लेकर शिक्षक के व्यवहार पर सवाल उठे हैं। स्कूल में पढ़ाई के दौरान बच्चों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

हालांकि, वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और घटना के समय कक्षा में कितने छात्र मौजूद थे, इस संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

शिक्षक ने खुद रिकॉर्ड किया था वीडियो


मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, यह वीडियो कथित तौर पर शिक्षक दिनेश कुमार माथुर ने स्वयं रिकॉर्ड किया था।

बताया जाता है कि वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद शिक्षक ने इसे अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा भी किया था।

इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने से स्कूल के भीतर हुई घटना सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गई।

हालांकि, वीडियो रिकॉर्ड करने के पीछे शिक्षक का उद्देश्य क्या था, इस संबंध में उनकी ओर से कोई विस्तृत बयान उपलब्ध नहीं है।

वीडियो में नजर आने वाली गतिविधि और उसे सोशल मीडिया पर साझा किए जाने की परिस्थितियां मामले के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग ने किया निलंबित

वायरल वीडियो सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले में कार्रवाई की है।

विभाग ने संबंधित सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक दिनेश कुमार माथुर को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।

शिक्षक का निलंबन इस मामले में विभाग की ओर से उठाया गया प्रमुख कदम है।

हालांकि, निलंबन आदेश में किन नियमों और प्रावधानों का उल्लेख किया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

इसके अलावा शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच की समयसीमा या आगे की कार्रवाई के संबंध में भी कोई स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया है।

कक्षा में जमीन पर बैठा दिखाई दिया बच्चा

वायरल वीडियो का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें छात्र शिक्षक के सामने जमीन पर बैठा दिखाई देता है।

वहीं, शिक्षक कुर्सी पर बैठे हुए नजर आते हैं। इसी स्थिति में छात्र के सिर पर तबला बजाने जैसी हरकत किए जाने का आरोप है।

स्कूल में शिक्षक और छात्र के बीच विश्वास तथा सम्मान का संबंध होना आवश्यक है। विद्यार्थियों के साथ किसी भी तरह का ऐसा व्यवहार, जिससे उनकी गरिमा प्रभावित हो, गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।

विशेष रूप से प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता होती है।

हालांकि, संबंधित छात्र की उम्र, कक्षा और पहचान के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। बच्चे की निजता को ध्यान में रखते हुए उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए।

शिक्षकों के व्यवहार पर उठे सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद विद्यालयों में शिक्षकों की जिम्मेदारियों और बच्चों के प्रति व्यवहार का विषय एक बार फिर चर्चा में है।

शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं होती। बच्चों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण तैयार करना भी शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे अपने शिक्षकों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में कक्षा के भीतर शिक्षक का आचरण विद्यार्थियों के अनुभव और आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है।

इटावा में सामने आए इस मामले में शिक्षक के कथित व्यवहार को लेकर विभागीय कार्रवाई की गई है। हालांकि, घटना से संबंधित सभी परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

बच्चों की गरिमा और सुरक्षा का मुद्दा

विद्यालय में प्रत्येक बच्चे को सम्मान और सुरक्षा के साथ शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।

बच्चों के साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार या अपमानजनक गतिविधियां शिक्षा के अनुकूल वातावरण को प्रभावित कर सकती हैं।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17 बच्चों को शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करती है।

हालांकि, इटावा के इस मामले में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कोई अलग कार्रवाई की गई है या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल पुष्टि की गई कार्रवाई शिक्षक का निलंबन और विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कदम उठाया जाना है।

फेसबुक पर वीडियो साझा करना भी बना चर्चा का विषय

इस मामले में वीडियो का फेसबुक पर अपलोड किया जाना भी महत्वपूर्ण पहलू है।

बताया जा रहा है कि शिक्षक ने खुद वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद उसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया था।

शिक्षण संस्थानों में बच्चों की तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक करते समय उनकी निजता तथा सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक होता है।

विशेष रूप से छोटे बच्चों से जुड़े वीडियो को साझा करने में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है।

हालांकि, इस मामले में वीडियो अपलोड करने के संबंध में कोई अलग विभागीय या कानूनी कार्रवाई हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

आगे की विभागीय कार्रवाई पर नजर

इटावा के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक दिनेश कुमार माथुर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।

वायरल वीडियो में छात्र के सिर को कथित तौर पर तबले की तरह बजाने का दृश्य सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है।

फिलहाल शिक्षक की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। साथ ही विभागीय जांच के निष्कर्ष और आगे की संभावित कार्रवाई के बारे में भी जानकारी सामने नहीं आई है।

इस पूरे मामले में छात्र के साथ किए गए कथित व्यवहार और वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किए जाने की परिस्थितियां प्रमुख रूप से सामने आई हैं।

शिक्षक के निलंबन के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय प्रक्रिया में क्या तथ्य सामने आते हैं और मामले में आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

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