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अयोध्या पहुंचे विनोद तावड़े, बूथ मजबूत कर 2027 की तैयारी तेज करने का दिया मंत्र

अयोध्या। भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने बुधवार को रामनगरी पहुंचकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने का संदेश दिया। सआदतगंज स्थित फॉरएवर लॉन में आयोजित संगठनात्मक बैठक में उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की और बूथ प्रबंधन को चुनावी रणनीति की बुनियाद बताया। तावड़े ने कहा कि बूथ मजबूत होगा तो मंडल मजबूत होगा और मंडल मजबूत होने से विधानसभा स्तर पर भी संगठन की स्थिति मजबूत होगी।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने अगस्त में विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया था और इसके बाद से वह अलग-अलग क्षेत्रों में पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर संगठन की जमीनी स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। पार्टी ने उनके साथ चार सह-प्रभारियों को भी जिम्मेदारी दी है।
अयोध्या की बैठक में तावड़े का मुख्य जोर बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर रहा। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि चुनावी सफलता के लिए केवल बड़े कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि बूथ स्तर तक मजबूत और सक्रिय नेटवर्क जरूरी है। बूथ समितियों को नियमित रूप से सक्रिय रखने, स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बढ़ाने और मतदाताओं तक पहुंच मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि पार्टी की संगठनात्मक संरचना बूथ से शुरू होकर मंडल, जिला और विधानसभा स्तर तक जाती है। यदि नीचे की इकाई मजबूत और सक्रिय होगी तो ऊपर का संगठन भी प्रभावी रहेगा। इसलिए बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि लगातार जनता के बीच रहने की जरूरत है।
तावड़े पहले भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई बैठकों में बूथ स्तर की सक्रियता, संगठनात्मक अनुशासन, जनसंपर्क और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दे चुके हैं। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से स्थानीय स्तर पर नियमित संवाद बनाए रखने और संगठन की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने को कहा है।
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। भाजपा का फोकस उन क्षेत्रों और सीटों पर भी है, जहां पिछले विधानसभा या लोकसभा चुनाव में पार्टी को अपेक्षित परिणाम नहीं मिला था। प्रदेश स्तर पर हुई हालिया बैठकों में क्षेत्रीय अध्यक्षों और प्रभारियों से ऐसी सीटों पर अलग रणनीति तैयार करने को कहा गया है।
अयोध्या भाजपा के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में प्रदेश प्रभारी का यहां आकर पदाधिकारियों के साथ बैठक करना आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पार्टी स्थानीय संगठन, बूथ समितियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दे रही है।
तावड़े ने पदाधिकारियों से कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने और पुराने व अनुभवी कार्यकर्ताओं के अनुभव का लाभ लेने की बात भी कही। उनका जोर इस बात पर रहा कि संगठन के प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदार लोगों के बीच नियमित संपर्क बना रहे और स्थानीय समस्याओं को भी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाया जाए।
भाजपा की प्रदेश स्तर की हालिया रणनीति में दिखावे से ज्यादा जमीनी काम पर फोकस करने की बात सामने आई है। तावड़े पदाधिकारियों से लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि चुनावी तैयारी केवल पोस्टर, होर्डिंग या बड़े आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कार्यकर्ता मतदाताओं से प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाएं।
सआदतगंज स्थित फॉरएवर लॉन में आयोजित कार्यक्रम सेवा ज्योति यात्रा से भी जुड़ा रहा। इसके तहत पार्टी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की तैयारियां एक दिन पहले से ही शुरू कर दी गई थीं और स्थानीय पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
तावड़े ने संगठन के पदाधिकारियों को यह भी संदेश दिया कि आगामी चुनाव में हर बूथ की अपनी रणनीति होनी चाहिए। स्थानीय सामाजिक समीकरण, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों और क्षेत्र की समस्याओं को समझकर काम करने की आवश्यकता बताई गई।
भाजपा उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर चरणबद्ध तरीके से तैयारियां आगे बढ़ा रही है। सितंबर के बाद से प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारियों की बैठकों का सिलसिला तेज हुआ है। इन बैठकों में संगठनात्मक शक्ति, बूथ की स्थिति, क्षेत्रवार फीडबैक और कमजोर सीटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अयोध्या की बैठक में भी यही संदेश सामने आया कि बूथ स्तर से लेकर विधानसभा तक मजबूत समन्वय जरूरी है। तावड़े ने कहा कि प्रत्येक पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए और कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संपर्क रखे।
उन्होंने स्थानीय पदाधिकारियों से कहा कि वे केवल पार्टी की बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि अपने क्षेत्र में आम लोगों से लगातार संवाद करें। सरकार की योजनाओं और संगठन की गतिविधियों की जानकारी जनता तक पहुंचाना भी बूथ कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी का हिस्सा बताया गया।
पार्टी की रणनीति में युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों और सामाजिक समूहों तक सीधी पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रत्येक बूथ पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैयार रखने और मतदाता संपर्क को नियमित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
विनोद तावड़े की अयोध्या बैठक को भाजपा की मिशन-2027 तैयारियों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद वह लगातार जिलों और क्षेत्रों में जाकर संगठन की वास्तविक स्थिति समझने का प्रयास कर रहे हैं।
बैठक में यह संदेश भी दिया गया कि चुनाव नजदीक आने का इंतजार करने के बजाय अभी से बूथ स्तर पर संगठन की कमियों को दूर किया जाए। जिन बूथों पर पार्टी की स्थिति कमजोर है, वहां विशेष अभियान चलाकर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाई जाए।
भाजपा का मानना है कि मजबूत बूथ संरचना ही विधानसभा स्तर पर पार्टी की चुनावी तैयारी को प्रभावी बना सकती है। इसी कारण तावड़े ने “बूथ मजबूत तो मंडल मजबूत और मंडल मजबूत तो विधानसभा मजबूत” का संदेश देकर कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय होने को कहा।
फिलहाल उत्तर प्रदेश भाजपा की चुनावी रणनीति में संगठन की मजबूती, कमजोर सीटों की पहचान और बूथ स्तर की तैयारी प्रमुख विषय बने हुए हैं। अयोध्या में हुई बैठक भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा रही, जहां विनोद तावड़े ने पदाधिकारियों से 2027 की तैयारियों में अभी से पूरी ताकत के साथ जुटने का आह्वान किया।





