उत्तर प्रदेश

फ्री UPI रहेगा या लगेगा चार्ज संसद के नए कानून का पूरा सच

nidhi
27 Aug 2026 8:13 AM IST
फ्री UPI रहेगा या लगेगा चार्ज संसद के नए कानून का पूरा सच
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UPI नियम

लखनऊ : देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा माध्यम बन चुके UPI को लेकर इन दिनों कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि संसद में नए कानून के बाद अब आम लोगों को UPI से भुगतान करने पर चार्ज देना पड़ेगा और फ्री UPI का दौर खत्म हो जाएगा। हालांकि सरकार ने इन दावों को गलत बताया है और साफ किया है कि आम जनता के लिए UPI भुगतान फिलहाल मुफ्त ही रहेगा।

दरअसल, संसद में पारित नए संशोधन को लेकर यह भ्रम फैल गया कि UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाया जाएगा। इस बदलाव के बाद लोगों के बीच सवाल उठने लगे कि क्या अब हर बार पैसे भेजने या दुकानदार को भुगतान करने पर अतिरिक्त पैसा देना होगा। लेकिन सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आम ग्राहकों के पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
नए कानून में क्या बदला है?
नए प्रावधानों का उद्देश्य डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करना, UPI नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ाना और भविष्य की जरूरतों के लिए भुगतान ढांचे को बेहतर बनाना बताया गया है। इसमें भुगतान प्रणाली से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है, लेकिन इसका सीधा असर आम UPI यूजर्स पर नहीं पड़ेगा। सरकार का कहना है कि UPI भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। ऐसे में छोटे दुकानदारों, आम ग्राहकों और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इसे आसान और सुलभ बनाए रखना जरूरी है।
क्या दुकानदारों से लिया जाएगा चार्ज?
UPI से जुड़े चार्ज को लेकर सबसे ज्यादा चिंता छोटे व्यापारियों में है। फिलहाल आम दुकानदारों और ग्राहकों के लिए मुफ्त भुगतान व्यवस्था जारी रहने की बात कही गई है। सरकार ने संकेत दिया है कि छोटे और रोजमर्रा के कम मूल्य वाले लेनदेन पर किसी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। हालांकि भविष्य में बड़े कारोबारी लेनदेन या विशेष परिस्थितियों में शुल्क व्यवस्था को लेकर अलग नियम बनाए जा सकते हैं। इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ होगी।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
फिलहाल आम यूजर पहले की तरह UPI के जरिए पैसे भेज सकेंगे, बिल भुगतान कर सकेंगे और दुकानों पर QR कोड स्कैन करके पेमेंट कर सकेंगे। बैंक से बैंक ट्रांसफर और व्यक्तिगत लेनदेन पर किसी नए चार्ज की घोषणा नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि UPI की लोकप्रियता बनाए रखने के लिए इसे कम लागत वाला और आसान रखना जरूरी है। भारत में करोड़ों लोग रोजाना छोटे-बड़े भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं।

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