CCTV फुटेज के बाद एक्शन, बदरीनाथ के पूर्व अधिकारी हिरासत में

Gopeshwar गोपेश्वर : बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी ने शुक्रवार को करीब चार घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की। अब उन्हें शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, एसआईटी की टीम ने शुक्रवार को बदरीनाथ पहुंचकर पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान से मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान जांच टीम ने चढ़ावे की रकम से जुड़ी जानकारी, मंदिर के गणना कक्ष में हुई गतिविधियों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कई सवाल किए। करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद दोपहर लगभग तीन बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
इस मामले की जांच में एसआईटी लगातार साक्ष्य जुटा रही है। इससे पहले गुरुवार सुबह एसआईटी ने बदरीनाथ मंदिर के कंट्रोल रूम से पिछले महीने की सीसीटीवी फुटेज से जुड़ी हार्ड डिस्क, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरण कब्जे में लिए थे। इन उपकरणों की तकनीकी जांच कराई गई, जिसके बाद जांच टीम को कुछ अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है।
प्रारंभिक जांच में एसआईटी को 22, 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज में गणना कक्ष के अंदर कथित रूप से नगदी से जुड़ी अनियमित गतिविधियां दिखाई देने की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी के अनुसार, इन फुटेज में राजेंद्र चौहान की मौजूदगी और कथित हेराफेरी से जुड़े कुछ तथ्य सामने आए हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर उनसे पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तारी की गई।
बताया जा रहा है कि राजेंद्र चौहान 30 जून को मंदिर से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके कार्यकाल के दौरान मंदिर प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी उनके पास थी। एसआईटी अब इस बात की जांच कर रही है कि कथित हेराफेरी में उनकी भूमिका कितनी थी और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी कितने समय से चल रही थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
बदरीनाथ मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में आने वाले चढ़ावे और दान की राशि की सुरक्षा एवं पारदर्शिता को लेकर प्रशासन हमेशा सतर्क रहता है। ऐसे में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
एसआईटी की कार्रवाई के बाद मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजरें आगे की जांच और न्यायालय में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





