उत्तराखंड
ऊंची चोटियों पर दिखा भारतीय पर्वतारोहियों का दम CM धामी ने की सराहना
Ratna Netam
24 Sept 2026 5:51 PM IST

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून स्थित अपने कैंप कार्यालय में उत्तरकाशी के नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) द्वारा आयोजित चार सफल पर्वतारोहण अभियानों से जुड़े पर्वतारोहियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अभियानों के सफल समापन पर सभी पर्वतारोहियों और सहयोगी दलों को बधाई देते हुए उनके साहस, अनुशासन, तकनीकी कौशल और टीम भावना की सराहना की। इस दौरान पर्वतारोहण दलों को औपचारिक रूप से हरी झंडी भी दिखाई गई।इन अभियानों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का माउंट एकांकागुआ संयुक्त पर्वतारोहण अभियान भी शामिल रहा। यह अभियान नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और पहलगाम स्थित जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स (JIM&WS) के सहयोग से आयोजित किया गया था। कठिन परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्वतारोहियों ने अपने प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता और मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतारोहियों को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन पर्वतीय क्षेत्रों में अभियान पूरा करना केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक मजबूती, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों की उपलब्धियां प्रदेश और देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं।धामी ने कहा कि उत्तराखंड का हिमालयी भूभाग साहसिक गतिविधियों और पर्वतारोहण के लिए विशेष पहचान रखता है। प्रदेश में अनेक पर्वत चोटियां और दुर्गम क्षेत्र हैं, जो देश-दुनिया के पर्वतारोहियों को आकर्षित करते हैं। ऐसे में पर्वतारोहण से जुड़ी संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की ओर से पर्वतारोहियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पर्वतारोहण अभियान की सफलता के पीछे पूरी टीम की मेहनत होती है। पर्वतारोही के साथ प्रशिक्षक, तकनीकी विशेषज्ञ और सहयोगी कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कठिन मौसम और ऊंचाई पर सीमित संसाधनों के बीच आगे बढ़ने के लिए आपसी विश्वास और समन्वय बेहद जरूरी होता है।माउंट एकांकागुआ अभियान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने संयुक्त प्रयासों की सराहना की। दक्षिण अमेरिका में अर्जेंटीना स्थित माउंट एकांकागुआ एशिया के बाहर दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी है और पर्वतारोहियों के बीच चुनौतीपूर्ण अभियानों के लिए जानी जाती है। ऐसे अभियान पर्वतारोहियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कठिन परिस्थितियों में अपनी क्षमता परखने का अवसर देते हैं।
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान देश के प्रमुख पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल है। उत्तरकाशी में स्थित यह संस्थान पर्वतारोहण, एडवेंचर और उससे जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण देता है। हिमालयी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के बीच प्रशिक्षण मिलने से पर्वतारोहियों को वास्तविक चुनौतियों को समझने और उनसे निपटने का अनुभव मिलता है।इसी तरह जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स भी पर्वतारोहण और शीतकालीन साहसिक गतिविधियों से जुड़े प्रशिक्षण के लिए जाना जाता है। दोनों संस्थानों की भागीदारी में आयोजित संयुक्त अभियान से पर्वतारोहियों को प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री ने पर्वतारोहियों के साहस की प्रशंसा करते हुए कहा कि पर्वतारोहण व्यक्ति के भीतर नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति विकसित करता है। पर्वतों पर अभियान के दौरान परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। मौसम, बर्फ, ऊंचाई और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियों के बीच पर्वतारोहियों को लगातार सतर्क रहना पड़ता है।उन्होंने युवाओं को साहसिक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। पर्वतारोहण, ट्रेकिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों के जरिए राज्य में पर्यटन के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देवभूमि के साथ-साथ हिमालयी राज्य के रूप में भी है। यहां का प्राकृतिक वातावरण साहसिक पर्यटन के विकास के लिए अनुकूल है। पर्वतारोहण संस्थानों की विशेषज्ञता और प्रशिक्षित युवाओं की भागीदारी राज्य में एडवेंचर गतिविधियों को और विस्तार देने में मददगार हो सकती है।मुख्यमंत्री ने अभियान में शामिल सभी सदस्यों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी अपनी उपलब्धियों से प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने पर्वतारोहियों से अपने अनुभव युवाओं के साथ साझा करने का भी आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक युवा अनुशासन, साहस और साहसिक खेलों की ओर प्रेरित हो सकें।चार पर्वतारोहण अभियानों की सफलता को मुख्यमंत्री ने पर्वतारोहियों के कठिन परिश्रम, प्रशिक्षण और मजबूत टीम भावना का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि होते हैं, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा भी पैदा करते हैं।
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