उत्तराखंड

राहुल गांधी केस वापसी की मांग को लेकर यूथ कांग्रेस का मशाल जुलूस पुलिस से झड़प

Kavita2
3 Sept 2026 11:43 AM IST
राहुल गांधी केस वापसी की मांग को लेकर यूथ कांग्रेस का मशाल जुलूस पुलिस से झड़प
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देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज किए गए मामले को वापस लेने और रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धीकरण कार्यक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार शाम मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारी जुलूस के रूप में कोतवाली पहुंचे, जहां धरने के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

मामला उस समय और गरमा गया जब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता कोतवाली परिसर में धरने पर बैठ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक बहस होती रही। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को जबरन उठाना शुरू कर दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और नारेबाजी की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और एक छात्र नेता को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

यह पूरा विवाद रामलीला मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ था। जानकारी के मुताबिक आठ अगस्त को रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में विजय शंखनाद रैली आयोजित की गई थी। रैली के बाद वहां शुद्धीकरण कार्यक्रम किए जाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।

कांग्रेस ने इस शुद्धीकरण कार्यक्रम को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए इसका विरोध किया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि इस तरह का कार्यक्रम संविधान की भावना और सामाजिक समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किए और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज किया गया मामला राजनीतिक दबाव का परिणाम है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने रामलीला मैदान में हुए शुद्धीकरण कार्यक्रम में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दलित समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए।

कोतवाली पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की। हालांकि कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू की।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई नोकझोंक के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले और शुद्धीकरण कार्यक्रम दोनों मुद्दों पर पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। पार्टी नेताओं के अनुसार यह केवल राजनीतिक मामला नहीं बल्कि सामाजिक सम्मान और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा विषय है।

वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। दोनों दल पहले से ही इस मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी ने अपने बयान में किसी भी तरह से अपमानजनक टिप्पणी नहीं की थी, इसके बावजूद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया। पार्टी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रही है। वहीं शुद्धीकरण कार्यक्रम को लेकर भी कांग्रेस लगातार विरोध दर्ज करा रही है।

यूथ कांग्रेस का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं।

मशाल जुलूस और कोतवाली पर प्रदर्शन के बाद पुलिस हिरासत में लिए गए नेताओं को लेकर भी कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही है। हिरासत में लिए गए नेताओं से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज केस, शुद्धीकरण कार्यक्रम और उसके विरोध में हो रहे प्रदर्शन ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों प्रमुख दलों के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है।

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