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बंगाल में TMC नेता सुविद अली गिरफ्तार, शाहजहां जैसा साम्राज्य चलाने का आरोप

पश्चिम बंगाल: दक्षिण 24 परगना जिले के गोसबा इलाके में तृणमूल कांग्रेस नेता सुविद अली ढाली उर्फ ‘झड़ो’ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सुविद अली पर जबरन वसूली, जमीन हड़पने, भ्रष्टाचार और महिलाओं के उत्पीड़न सहित कई गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने उसे एक गुप्त अभियान के तहत जीवनतल्ला थाना क्षेत्र के खागड़ा गांव से पकड़ा है।
सुविद अली की गिरफ्तारी के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने उसके एक सहयोगी मोनिरुल पैलान को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के पास से दो अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुविद अली ने गोसबा इलाके में लंबे समय तक अपना दबदबा बनाए रखा। लोगों का कहना है कि उसने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर क्षेत्र में कथित रूप से अपना प्रभाव बढ़ाया और लोगों पर दबाव बनाया। पुलिस अब उसके खिलाफ दर्ज शिकायतों और आरोपों की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि सुविद अली कभी मुर्गे और बकरियां बेचकर अपना जीवन चलाता था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस में सक्रिय होने और गोसबा ब्लॉक के कार्यकारी अध्यक्ष का पद मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव आया। आरोप है कि राजनीतिक पहुंच का फायदा उठाकर उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति बना ली।
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, सुविद अली के खिलाफ कई मामलों में शिकायतें सामने आई हैं। इनमें जबरन वसूली, कट मनी लेने, मनरेगा योजना के फंड में गड़बड़ी और ग्रामीणों की जमीन पर कब्जा करने जैसे आरोप शामिल हैं। इसके अलावा उस पर मछली पालन के तालाबों पर अवैध कब्जे के भी आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसियां अब उसकी संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की जांच कर रही हैं। आरोप है कि उसके पास बड़ी मात्रा में जमीन और संपत्ति मौजूद है। बताया जा रहा है कि उसके पास करीब 64 बीघा जमीन है, जिसमें 24 बीघे में बना एक फार्महाउस और 40 बीघे में फैला मछली पालन क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा कोलकाता और आसपास के इलाकों में भी उसकी कई संपत्तियों की जानकारी सामने आई है।
सुविद अली पर सबसे गंभीर आरोप स्थानीय महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े हैं। पुलिस को कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है। आरोप लगाया गया है कि उसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर महिलाओं पर दबाव बनाया। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।
सुविद अली की तुलना संदेशखाली के चर्चित मामले के आरोपी शाहजहां शेख से भी की जा रही है। स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि जिस तरह संदेशखाली में शाहजहां का दबदबा था, उसी तरह गोसबा में भी सुविद अली ने अपना प्रभाव कायम कर रखा था। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से वह कथित तौर पर फरार चल रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुविद अली के साथ कितने लोग जुड़े हुए थे और क्या उसके खिलाफ सामने आए आरोपों में अन्य लोग भी शामिल हैं।
इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो सकते हैं। विपक्ष पहले भी सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं पर भ्रष्टाचार और दबंगई के आरोप लगाता रहा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और जांच के आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे।





