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पाकिस्तान में आर्थिक संकट के बीच सेना के वेतन में 25% बढ़ोतरी
Shantanu Roy
25 Jun 2026 7:31 PM IST

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New Delhi. नई दिल्ली। पाकिस्तान की सेना ने अपने सैनिकों और अधिकारियों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी का फैसला किया है। मौजूदा आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और कर्ज के बोझ के बीच लिया गया यह निर्णय चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी सैनिकों की सैलरी में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही कई भत्तों में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे रक्षा क्षेत्र के वेतन व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार, यह फैसला पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की मंजूरी के बाद लागू किया गया है। संशोधित वेतन पैकेज के तहत एड-हॉक रिलीफ अलाउंस में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जबकि डिस्टर्बेंस अलाउंस को तीन गुना कर दिया गया है। इसके अलावा कैश-इन-लियू पेमेंट, यूनिफॉर्म अलाउंस और बैटमैन अलाउंस को भी दोगुना कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह बढ़ोतरी सभी रैंकों पर लागू होगी। हालांकि इस फैसले को लेकर अभी तक पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि नया वेतन ढांचा तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है। इस निर्णय के बाद पाकिस्तान के रक्षा बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
पाकिस्तान पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, बेरोजगारी उच्च स्तर पर बनी हुई है और विदेशी कर्ज का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में सेना के वेतन में इतनी बड़ी वृद्धि को लेकर आर्थिक विशेषज्ञों में भी चर्चा शुरू हो गई है कि इसका वित्तीय असर देश की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा। सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय सीमापार तनाव और हाल के सैन्य घटनाक्रमों के बाद सेना का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में सुरक्षा हालात और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए पाकिस्तान सेना के भीतर मनोबल बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में भारत द्वारा चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भी चर्चा में है।
यह ऑपरेशन 7 मई 2025 को शुरू किया गया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच पाकिस्तान की सेना द्वारा वेतन वृद्धि के फैसले को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामरिक विश्लेषण सामने आ रहे हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे आंतरिक दबाव और सैनिक मनोबल सुधारने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे आर्थिक मजबूरी से परे उठाया गया कदम मान रहे हैं। फिलहाल पाकिस्तान सरकार और सेना की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन इतना तय है कि इस निर्णय का असर न केवल देश के रक्षा बजट पर पड़ेगा, बल्कि पहले से कमजोर चल रही अर्थव्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव डालेगा।
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