भारत

किराए के कमरे में छप रहे थे नकली नोट...आरोपी कम पढ़ा लेकिन लगाया शातिर दिमाग

jantaserishta.com
11 Sept 2026 2:19 PM IST
किराए के कमरे में छप रहे थे नकली नोट...आरोपी कम पढ़ा लेकिन लगाया शातिर दिमाग
x

सांकेतिक तस्वीर (AI)

पूरा खुलासा हुआ.
कानपुर : पांचवीं तक पढ़ाई की... लेकिन दिमाग लगाया नकली नोट छापने में. एक प्रिंटर, कागज, स्याही और कुछ जरूरी सामान जुटाया और किराए के कमरे को ही नकली करेंसी तैयार करने का ठिकाना बना दिया. इसके बाद इन नोटों को बाजार में खपाने के लिए ऐसी जगह चुनी गई, जहां हर दिन हजारों लोगों का आना-जाना रहता है. कानपुर पुलिस ने ऐसे ही एक नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड 52 वर्षीय शेर सिंह समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 2 लाख 4 हजार 650 रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई है.
पुलिस के मुताबिक, शेर सिंह पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है और प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार करता था. गिरोह के निशाने पर खास तौर पर रेलवे स्टेशन के आसपास की छोटी दुकानें और भीड़भाड़ वाले बाजार थे. लेकिन इस पूरे खेल में सबसे दिलचस्प बात नकली नोट छापना नहीं, बल्कि उन्हें बाजार में उतारने का तरीका है.
पुलिस के मुताबिक, नकली नोटों का यह खेल किसी बड़े कारखाने में नहीं, बल्कि रेल बाजार इलाके में रामलीला मैदान के पास किराए के एक कमरे से चल रहा था. बाहर से देखने पर यह एक सामान्य कमरा था. अंदर प्रिंटर और नोट तैयार करने का सामान रखा था. पुलिस को छापेमारी के दौरान प्रिंटर के अलावा कैंची, पेपर कटर, तराजू, स्याही के कंटेनर, कागज की शीट, बैग और दूसरे उपकरण मिले. यानी नकली नोटों को तैयार करने के लिए जरूरी सामान एक ही जगह जुटाया गया था. पुलिस का कहना है कि शेर सिंह इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड था.
पुलिस की कार्रवाई में सबसे ज्यादा संख्या 100 रुपये के नकली नोटों की मिली. पुलिस ने कुल 1,991 नकली 100 रुपये के नोट बरामद किए. इसके अलावा 50 रुपये के 71 और 500 रुपये के चार नकली नोट भी मिले. कुल बरामद नकली करेंसी की कीमत 2,04,650 रुपये बताई गई है. यह रकम देखकर पुलिस को अंदेशा है कि गिरोह छोटे मूल्य के नोटों के जरिए बाजार में नकली करेंसी उतारने की कोशिश कर रहा था. पुलिस जांच में नकली नोटों के इस कारोबार का एक और तरीका सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी नकली करेंसी को उसकी रकम के मुकाबले तीन गुना रकम के हिसाब से बदलते थे. यानी नकली नोटों को सीधे किसी बड़े कारोबारी या बैंकिंग चैनल में डालने के बजाय छोटे स्तर पर खपाने की कोशिश की जाती थी. छोटी दुकानों को निशाना बनाने की वजह भी यही बताई जा रही है. रेलवे स्टेशन या भीड़भाड़ वाले बाजार में छोटी दुकानों पर लगातार ग्राहक आते हैं. ऐसे में नकली नोट असली नोटों के बीच आसानी से खपाने की कोशिश की जा सकती है. हालांकि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितनी नकली करेंसी बाजार में पहुंचाई है.
पुलिस के मुताबिक, गिरोह नकली नोटों को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन और आसपास के जिलों के रेलवे स्टेशनों पर चलाता था. रेलवे स्टेशन इनके लिए इसलिए भी मुफीद जगह हो सकती थी क्योंकि यहां अलग-अलग जगहों से आने वाले यात्रियों की भीड़ रहती है. छोटी खरीदारी, चाय-नाश्ता, पानी या दूसरी चीजों के भुगतान के दौरान नकली नोट खपाने की कोशिश की जाती थी.पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क का दायरा सिर्फ कानपुर तक था या आसपास के जिलों में भी इसके लोग सक्रिय थे.
इस केस में गिरफ्तार 52 वर्षीय शेर सिंह पुलिस की जांच का सबसे अहम किरदार है. पुलिस के मुताबिक, शेर सिंह ने सिर्फ पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की है. इसके बावजूद उसने नकली नोट तैयार करने के लिए प्रिंटर और दूसरे उपकरणों का इस्तेमाल किया. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसने नकली नोट तैयार करने का तरीका कहां से सीखा और क्या उसके पीछे कोई दूसरा व्यक्ति भी था. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या शेर सिंह खुद नकली नोट तैयार करता था या गिरोह में कोई और व्यक्ति भी तकनीकी काम संभालता था. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है. सोमिल गुप्ता (36) के खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं. रोशन अली (24) पर सात मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है. वहीं कथित मास्टरमाइंड शेर सिंह के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं. अब पुलिस इन पुराने मामलों की कड़ियां भी जोड़ रही है. जांच अधिकारी यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं तीनों पहले से किसी संगठित गिरोह का हिस्सा तो नहीं थे और क्या इनके पुराने आपराधिक संपर्कों का इस्तेमाल नकली नोटों को बाजार में उतारने के लिए किया गया.
रेल बाजार पुलिस ने जब किराए के कमरे पर छापा मारा तो वहां से केवल नकली नोट ही नहीं मिले, बल्कि उन्हें तैयार करने से जुड़ा सामान भी बरामद हुआ. पुलिस के अनुसार, मौके से प्रिंटर, कैंची, पेपर कटर, तराजू, स्याही के कंटेनर, कागज की शीट, बैग और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं. इन सामानों की बरामदगी पुलिस की जांच में अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि आरोपी किस तरीके से नकली नोट तैयार करते थे और इस काम में कितना समय लगाते थे.

jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story