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क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन 64 लाख की नाइट्राजेपाम गोलियां बरामद
Mumbai मुंबई। मुंबई क्राइम ब्रांच ने नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ट्रॉम्बे इलाके से कथित तौर पर 29 हजार नाइट्राजेपाम गोलियां जब्त की हैं। बरामद गोलियों का कुल वजन 12.87 किलोग्राम और अनुमानित कीमत करीब 64.09 लाख रुपये बताई गई है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक क्राइम ब्रांच की कक्ष-6 की टीम को ट्रॉम्बे इलाके में नशीली गोलियों से संबंधित गतिविधि की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में जाल बिछाया और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी।
कार्रवाई के दौरान टीम ने दो लोगों को पकड़ा। तलाशी और आगे की कार्रवाई में उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में नाइट्राजेपाम की गोलियां मिलने का दावा किया गया। पुलिस के अनुसार कुल 29 हजार गोलियां बरामद की गईं, जिनका वजन करीब 12.87 किलोग्राम है। बरामद सामग्री की कीमत 64.09 लाख रुपये आंकी गई है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों में एक 48 वर्षीय व्यक्ति गोवंडी का रहने वाला बताया गया है, जबकि दूसरा आरोपी 70 वर्ष का है और कौसा मुंब्रा का निवासी बताया गया है। उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी में दोनों आरोपियों के नाम नहीं दिए गए हैं।
इतनी बड़ी मात्रा में नाइट्राजेपाम की गोलियां आरोपियों के पास कहां से आईं और इन्हें किसे पहुंचाया जाना था, इसे लेकर जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस अब कथित सप्लाई नेटवर्क और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा सकती है। हालांकि उपलब्ध सूचना में इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस यानी एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। जब्त गोलियों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्जे में लिया गया है। नाइट्राजेपाम एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है, जिसका चिकित्सकीय इस्तेमाल कुछ स्थितियों में किया जाता है। इसका गैर-चिकित्सकीय उपयोग और अवैध वितरण गंभीर कानूनी एवं स्वास्थ्य संबंधी चिंता का विषय हो सकता है। इसलिए ऐसी दवाओं की बिक्री और आपूर्ति निर्धारित नियमों के तहत होती है।
जांच में अब यह पता लगाया जाना अहम होगा कि इतनी बड़ी खेप का स्रोत क्या था। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि आरोपियों का संबंध किसी बड़े नेटवर्क से है या नहीं और इससे पहले उन्होंने इस तरह की कोई खेप पहुंचाई थी या नहीं। ट्रॉम्बे में हुई इस कार्रवाई को नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले में आगे की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित नेटवर्क और बरामद गोलियों के स्रोत से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
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