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सिर पर गहरे जख्म, दर्जनों टांके... कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की कहानी आई सामने

SHIDDHANT
28 Oct 2026 11:49 PM IST
सिर पर गहरे जख्म, दर्जनों टांके... कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की कहानी आई सामने
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34 हजार फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट में हुआ था हमला
दुबई। दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुए खौफनाक हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी एक बार फिर चर्चा में है। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को उनके सम्मान समारोह की तस्वीरें सामने आईं, जिनमें सिर के पिछले हिस्से पर गंभीर चोटों और टांकों के निशान दिखाई दिए। इन तस्वीरों ने उस घटना की भयावहता को फिर उजागर कर दिया, जिसमें कैप्टन ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी।
34 हजार फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट में हुआ था हमला
यह घटना 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहा था।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, उड़ान के दौरान सह-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर विमान में रखी आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
हमले में कैप्टन के सिर पर गंभीर चोटें आईं। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति संभालने का प्रयास किया और अन्य क्रू सदस्यों को खतरे की जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सिर पर गहरे घाव और टांकों के निशान
सम्मान समारोह के दौरान सामने आई तस्वीरों में कैप्टन मच्छार के सिर के पिछले हिस्से में दो बड़े घावों के निशान दिखाई दिए।
इनमें एक निशान सिर के निचले हिस्से में था, जबकि दूसरा अर्धचंद्राकार आकार में सिर के ऊपरी हिस्से तक फैला हुआ नजर आया।
चोटों पर लगे टांके इस बात की गंभीरता दर्शाते हैं कि हमले के दौरान कैप्टन को कितनी गंभीर चोटें आई थीं।
विमान में सवार थे 170 से अधिक लोग
रिपोर्टों के अनुसार, विमान में 170 से अधिक लोग सवार थे। यूएई के अभियोजन अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध सह-पायलट का इरादा विमान को इजरायल के एक हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल से टकराने का था।
हमले के बाद विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल ने हमलावर को काबू करने में मदद की।
इसके बाद अन्य पायलटों ने विमान को संभाला और सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई।
UAE ने दिया प्रतिष्ठित सम्मान
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की ओर से कैप्टन स्मित मच्छार और फ्लाईदुबई के अन्य क्रू सदस्यों को 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से सम्मानित किया गया।
दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने सम्मान समारोह में पदक प्रदान किए।
यूएई नेतृत्व ने संकट के समय चालक दल के साहस, जिम्मेदारी और यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों की प्रशंसा की।
मुश्किल हालात में साहस की मिसाल बने कैप्टन
गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छार ने जिस तरह अपनी जिम्मेदारी निभाई, उसकी व्यापक सराहना हो रही है।
सम्मान समारोह की तस्वीरें सामने आने के बाद उनके साहस की कहानी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।
यह घटना विमानन सुरक्षा के महत्व के साथ-साथ आपात स्थिति में चालक दल की सूझबूझ और यात्रियों के सहयोग की भूमिका को भी रेखांकित करती है।
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