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राजनीतिक बवाल
Ujjain उज्जैन। मध्य प्रदेश में विवादित ड्रग्स जब्ती मामले को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राजस्थान में अदालत के निर्देश पर दर्ज एफआईआर में मध्य प्रदेश पुलिस के दो पूर्व थाना प्रभारियों (एसएचओ) समेत 90 से अधिक पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाए
पूर्व मुख्यमंत्री Kamal Nath ने कहा कि यह मामला राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश तेजी से नशीले पदार्थों के निर्माण और तस्करी का केंद्र बनता जा रहा है और इसे रोकने की जिम्मेदारी निभाने वाली एजेंसियां ही विवादों में घिर रही हैं।
मामला 28 जनवरी 2026 को राजस्थान के झालावाड़ जिले के घटाखेड़ी गांव में अगर मालवा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से जुड़ा है। उस समय पुलिस ने दावा किया था कि उसने एमडी ड्रग्स बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ, रसायन और उपकरण जब्त किए हैं। इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया गया था और दो लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था।
हालांकि बाद में आरोपियों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने अदालत में याचिका दायर कर छापे को फर्जी बताते हुए कानूनी प्रक्रियाओं के उल्लंघन का आरोप लगाया। अदालत के आदेश पर हुई जांच के बाद राजस्थान पुलिस ने अगर कोतवाली के पूर्व एसएचओ शशि उपाध्याय, रूप सिंह राजपूत समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। एफआईआर में पद के दुरुपयोग, धमकी, कदाचार और साक्ष्यों से छेड़छाड़ जैसी धाराएं शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और मामले की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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