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UK, कनाडा और EU के साथ आर्थिक रिश्तों को मिली नई गति
Delhi दिल्ली: फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi की विभिन्न देशों के नेताओं के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों ने भारत की ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ कूटनीतिक नीति की आर्थिक सफलता को रेखांकित किया है। इन बैठकों के परिणामस्वरूप भारत के प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति मिली है।
भारत और United Kingdom के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (Comprehensive Economic and Trade Agreement - CETA) 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही भारतीय किसानों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और नवाचार क्षेत्र को भी नए अवसर मिलने की संभावना है। वहीं, भारत और Canada के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को लेकर चल रही वार्ताओं में हुई प्रगति पर दोनों देशों ने संतोष व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने वर्ष 2026 के भीतर इस समझौते को अंतिम रूप देने के लक्ष्य को दोहराया।
इसके अलावा, European Union के नेताओं ने संकेत दिया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) इस वर्ष के अंत तक संपन्न हो सकता है। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग और बाजार पहुंच को मजबूत करेगा। शेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन, कनाडा और यूरोपीय संघ के साथ तेजी से आगे बढ़ रहे ये आर्थिक समझौते वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और रणनीतिक महत्व को दर्शाते हैं। G7 समिट में हुए ये घटनाक्रम भारत की वैश्विक व्यापारिक और कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करने वाले माने जा रहे हैं।
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