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रथ यात्रा में शामिल हुए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

SHIDDHANT
16 July 2026 9:04 PM IST
रथ यात्रा में शामिल हुए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
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Ahmedabad अहमदाबाद। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी गुरुवार शाम अहमदाबाद में निकाली जा रही 149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल हुए। दारियापुर क्षेत्र में उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी.एस. मलिक और अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत के साथ यात्रा में हिस्सा लिया तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। तीनों वरिष्ठ अधिकारी दारियापुर स्थित लोलहंडवाला अस्पताल के पास रथ यात्रा मार्ग पर मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने यात्रा की प्रगति का जायजा लिया और सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन में तैनात अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक निर्देश दिए।
इस वर्ष रथ यात्रा गुजरात सरकार और अहमदाबाद पुलिस की ओर से किए गए व्यापक सुरक्षा इंतजामों के बीच निकाली जा रही है। यह राज्य के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा गुरुवार सुबह जमालपुर स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर से पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बाद शुरू हुई। यात्रा अपने पारंपरिक 16.2 किलोमीटर लंबे मार्ग से पुराने शहर के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरते हुए देर शाम पुनः मंदिर पहुंचेगी। आषाढ़ी बीज के अवसर पर हर वर्ष आयोजित होने वाली अहमदाबाद की रथ यात्रा पुरी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी जगन्नाथ रथ यात्रा मानी जाती है, जिसमें हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
रथ यात्रा शुरू होने से पहले उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने डीजीपी जी.एस. मलिक और पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत के साथ पूरे यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया था। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को यात्रा के शांतिपूर्ण और सुचारु संचालन के निर्देश दिए थे। इस बार की रथ यात्रा के लिए शहर के इतिहास की सबसे व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक की गई है। यात्रा मार्ग पर 30 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें राज्य पुलिस, राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान शामिल हैं।
यात्रा की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली, फेस रिकग्निशन कैमरे, ड्रोन, जीपीएस ट्रैकिंग, बॉडी-वॉर्न कैमरे और एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा चिकित्सा सहायता, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए नगर निगम और आपातकालीन सेवाओं की टीमें भी पूरे मार्ग पर तैनात हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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