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Delhi दिल्ली। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा है कि भारत और रूस भविष्य में भी आपसी सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देश संवाद को बढ़ावा देने, बहुपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने और वैश्विक चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विदेश सचिव ने कहा कि भारत-रूस संबंध केवल द्विपक्षीय हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह वैश्विक स्थिरता और सहयोग के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के माध्यम से दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
विक्रम मिस्री ने यह भी जानकारी दी कि भारत आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Leaders Summit) की मेजबानी की तैयारी कर रहा है, जो सितंबर 2026 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है। इस अवसर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आगमन की उम्मीद जताई गई है। उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। इसके जरिए दोनों देशों को आर्थिक, राजनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने का मौका मिलेगा।
विदेश सचिव ने जोर देकर कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में बहुपक्षीय संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है, और BRICS जैसे मंच वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक संबंधों को इस बयान से नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक भू-राजनीति तेजी से बदल रही है।
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