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भारत-UK व्यापार समझौते से खुलेगी नई संभावनाएं

Saba Naaz
15 July 2026 6:02 PM IST
भारत-UK व्यापार समझौते से खुलेगी नई संभावनाएं
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) और सामाजिक सुरक्षा समझौते के लागू होने को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे तथा दोनों देशों के नागरिकों और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता दोनों देशों की साझा महत्वाकांक्षाओं को ठोस अवसरों में बदलने का काम करेगा। इससे व्यापार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSMEs) के लिए नई गति लेकर आएगा।

CETA समझौते के तहत कई भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है। इससे भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा और वैश्विक बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी। विशेष रूप से कृषि, कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों के कारोबारियों को नए अवसर मिलने की संभावना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि समझौते से भारत के किसानों को भी लाभ मिलेगा। कृषि उत्पादों के निर्यात के नए रास्ते खुल सकते हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा छोटे और मध्यम उद्योगों को ब्रिटेन के बड़े बाजार तक पहुंच बनाने में आसानी होगी।

MSME सेक्टर को भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। सरकार का मानना है कि भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते से छोटे कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने का मौका मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि CETA केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीक, पेशेवर सेवाओं और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को भी बढ़ावा देगा। दोनों देशों के बीच नई तकनीकों के आदान-प्रदान और निवेश के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

समझौते के तहत भारतीय इस्पात के ब्रिटेन को शुल्क-मुक्त निर्यात का भी रास्ता साफ होगा। इससे भारतीय स्टील कंपनियों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी व्यापारिक बाधाओं को कम करने का प्रयास किया गया है।

प्रधानमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा समझौते को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों में काम करने वाले लोगों को लाभ मिलेगा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।

भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से मजबूत व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध रहे हैं। इस नए समझौते को दोनों देशों के रिश्तों में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-ब्रिटेन FTA ऐसे समय में लागू हुआ है जब भारत वैश्विक व्यापार में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इस समझौते से भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार करने का अवसर मिलेगा और ब्रिटेन की कंपनियों के लिए भी भारत में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।

कुल मिलाकर भारत-ब्रिटेन CETA को दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इसके प्रभाव से व्यापार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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