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नसीरुद्दीन शाह के ‘कुत्ते’ वाले बयान पर कंगना का पलटवार, कहा- लोमड़ी बनने से बेहतर कुत्ता
Shantanu Roy
11 Aug 2026 7:59 PM IST

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New Delhi. नई दिल्ली। देश में छात्र आंदोलनों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। जंतर-मंतर के बाद अब झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन ने भी सुर्खियां बटोरी हैं। झारखंड में JPSC पेपर लीक और छात्रों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच बॉलीवुड के कलाकार पीयूष मिश्रा की मौजूदगी और उनके बयान ने चर्चा को और बढ़ा दिया है। इसी दौरान अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के पुराने ‘कुत्ते के मुंह में हड्डी’ वाले बयान का जिक्र सामने आया, जिस पर अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है।
पीयूष मिश्रा ने आंदोलन के दौरान फिल्म और मनोरंजन जगत की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिन कलाकारों ने NEET पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन के दौरान अपनी आवाज उठाई थी, वे अब झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर खामोश नजर आ रहे हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के पुराने बयान का हवाला देते हुए सवाल किया कि आखिर वे कौन से ‘कुत्ते’ हैं, जिनके मुंह में हड्डी है और जो JPSC पेपर लीक जैसे मुद्दे पर चुप हैं। नसीरुद्दीन शाह का यह बयान पहले भी विवादों में रह चुका है। NEET पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने उन कलाकारों पर टिप्पणी की थी, जो बच्चों के आंदोलन जैसे मुद्दों पर सार्वजनिक तौर पर अपनी बात नहीं रखते। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘कुत्ते के मुंह में हड्डी’ वाली टिप्पणी की थी। बाद में उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा और विवाद हुआ था।
अब इसी बयान को लेकर कंगना रनौत ने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधा है। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर व्यक्ति किसी न किसी का ‘कुत्ता’ है। उन्होंने अपने बयान में देश के प्रति अपनी निष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि वह जिस देश का खाना खाती हैं, उसकी रखवाली भी करती हैं और उसके लिए लड़ती भी हैं। कंगना ने नसीरुद्दीन शाह पर तंज कसते हुए कहा कि वह देश का खाते हैं, लेकिन पड़ोसी देश के लिए लड़ते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में किसी को ‘कुत्ता’ कहना भी एक तरह की तारीफ माना जा सकता है, क्योंकि वफादारी और मासूमियत अब बहुत कम देखने को मिलती है। कंगना ने आगे कहा कि वह नसीरुद्दीन शाह जैसे ‘लोमड़ी’ बनने के बजाय कुत्ता कहलाना पसंद करेंगी।
कंगना की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर दोनों कलाकारों से जुड़े पुराने बयानों और राजनीतिक विचारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, JPSC आंदोलन का मूल मुद्दा छात्रों की मांगें और कथित पेपर लीक से जुड़ा है। छात्र लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर झारखंड में प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है। पीयूष मिश्रा के आंदोलन में पहुंचने के बाद बॉलीवुड कलाकारों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आंदोलन के दौरान उन्होंने उन चर्चित चेहरों की चुप्पी पर सवाल उठाया, जो पहले छात्र आंदोलनों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय सार्वजनिक करते रहे हैं। इसी क्रम में नसीरुद्दीन शाह के पुराने बयान को भी चर्चा में लाया गया।
इस पूरे विवाद के बीच नसीरुद्दीन शाह के अभिनय करियर की भी चर्चा हो रही है। हाल ही में वह फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में नजर आए थे। फिल्म को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की बात कही गई है और अब यह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है। ऐसे में एक ओर जहां अभिनेता के काम को लेकर चर्चा जारी है, वहीं दूसरी ओर उनके पुराने बयानों को लेकर कंगना रनौत और पीयूष मिश्रा की टिप्पणियों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। फिलहाल JPSC छात्रों का आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दे केंद्र में हैं। छात्र संगठनों की मांगों और प्रशासन की कार्रवाई के बीच बॉलीवुड से जुड़े कलाकारों के बयान इस पूरे मामले को सोशल मीडिया पर अतिरिक्त चर्चा दे रहे हैं। कंगना और नसीरुद्दीन शाह के बीच बयानबाजी ने भी इस बहस को और तीखा कर दिया है।
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