भारत

नकली दवा रैकेट से जुड़े 3 करोड़ रिश्वत मामले में बड़ा एक्शन, हरियाणा के IPS दीपक गहलावत गिरफ्तार

Shantanu Roy
1 July 2026 10:35 PM IST
नकली दवा रैकेट से जुड़े 3 करोड़ रिश्वत मामले में बड़ा एक्शन, हरियाणा के IPS दीपक गहलावत गिरफ्तार
x
बड़ी खबर
Haryana/New Delhi. हरियाणा/नई दिल्ली। नकली दवा बनाने वाले एक बड़े रैकेट से जुड़ी जांच में कथित 3 करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में हरियाणा कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया गया। जांच एजेंसी ने 5 दिनों की कस्टडी की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
मामला उस समय चर्चा में आया जब CBI ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने अपने प्रभाव का उपयोग कर नकली दवा रैकेट की जांच को प्रभावित करने का आश्वासन देकर रिश्वत की मांग की थी। यह मामला पुडुचेरी के एक व्यवसायी से जुड़ा बताया जा रहा है। CBI के अनुसार, आरोप है कि IPS दीपक गहलावत ने व्यवसायी को भरोसा दिलाया था कि वह अपने पद और प्रभाव का उपयोग कर जांच का रुख उसके पक्ष में कर सकते हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित रिश्वत का सौदा करोड़ों रुपये में तय हुआ था। हालांकि एजेंसी ने यह स्पष्ट किया कि अब तक सीधे तौर पर कोई राशि अधिकारी को दी नहीं गई है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी अधिकारी की ओर से कस्टडी का कड़ा विरोध किया गया। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि अधिकारी को पहले ही चार बार पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है। वकील ने यह भी कहा कि उनके बैंक खाते में आए 50 हजार रुपये को रिश्वत नहीं बल्कि पुरानी कार की बिक्री के एडवांस के रूप में दर्शाया जा रहा है। बचाव पक्ष ने सवाल उठाया कि यदि कोई अधिकारी 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगता है, तो क्या वह केवल 50 हजार रुपये अपने निजी खाते में एडवांस के रूप में लेगा। इस दलील के साथ ही कस्टडी की मांग का विरोध किया गया।
दूसरी ओर, CBI ने अदालत में कहा कि यह मामला एक संगठित रिश्वत नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिसमें नकली दवा रैकेट की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई। एजेंसी ने यह भी बताया कि एक करोड़ रुपये का एडवांस अमाउंट रिकवर किया जा चुका है, लेकिन यह राशि सीधे आरोपी को नहीं दी गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने CBI की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और कार्यशैली पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि ट्रांजैक्शन के किस हिस्से की जांच अभी बाकी है।
जांच अधिकारी (IO) ने अदालत में स्वीकार किया कि कई बिंदुओं पर अभी जांच जारी है, लेकिन अदालत ने इसे पर्याप्त आधार नहीं माना। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क किया था या नहीं और क्या ऐसा कोई तीसरा व्यक्ति वास्तव में मौजूद था। अदालत ने जांच अधिकारी के जवाबों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कई पहलू अभी भी अस्पष्ट हैं और जांच की दिशा पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसके बावजूद कोर्ट ने आरोपी को एक दिन की CBI कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। एक वरिष्ठ IPS अधिकारी की गिरफ्तारी ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच प्रक्रिया पर भी बहस छेड़ दी है। फिलहाल CBI इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस कथित रैकेट में और भी अधिकारी या कारोबारी शामिल हैं।
Next Story