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CM हिमंत बिस्वा सरमा की मॉर्फ्ड तस्वीर वायरल, कांग्रेस नेता हिरासत में

SHIDDHANT
6 Oct 2026 12:19 AM IST
CM हिमंत बिस्वा सरमा की मॉर्फ्ड तस्वीर वायरल, कांग्रेस नेता हिरासत में
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गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की कथित फर्जी और मॉर्फ्ड तस्वीर सोशल मीडिया पर फैलाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस तरह का मनगढ़ंत कंटेंट बनाने, शेयर करने या आगे बढ़ाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ के मुताबिक, सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की बदली हुई तस्वीर फैलाने में कथित रूप से शामिल कई लोगों के खिलाफ पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ किया कि फर्जी सामग्री के जरिए जनता को गुमराह करने की जानबूझकर की गई कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस मामले में असम पुलिस ने एक कांग्रेस नेता को भी हिरासत में लिया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हिरासत में ली गई महिला की पहचान क्वीन हजारिका के रूप में हुई है। उन्हें गोलपारा जिला कांग्रेस सोशल मीडिया सेल की उपाध्यक्ष बताया गया है। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की कथित मॉर्फ्ड तस्वीर शेयर की थी। विवाद उस तस्वीर को लेकर शुरू हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक महिला के साथ दिखाई दे रहे थे। पुलिस का आरोप है कि तस्वीर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से बदलाव किया गया और इसके बाद उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी तस्वीर किसने तैयार की, इसे सबसे पहले कहां से पोस्ट किया गया और इसे आगे फैलाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही। सीएमओ ने कहा है कि फर्जी अभियान तैयार करने, उसे शेयर करने या जानबूझकर आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस नेता को हिरासत में लिए जाने के बाद मामला राजनीतिक विवाद का रूप भी लेता दिखाई दे रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से कार्रवाई को कथित फर्जी और मॉर्फ्ड सामग्री के प्रसार से जोड़कर देखा जा रहा है।
एआई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीरों और वीडियो में बदलाव कर उन्हें वास्तविक बताकर प्रसारित करने की चुनौती भी बढ़ी है। ऐसे मामलों में किसी तस्वीर या वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि किए बिना उसे आगे शेयर करना विवाद और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य जानबूझकर फर्जी सामग्री फैलाकर जनता को गुमराह करने की कोशिशों को रोकना है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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