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खनिज संशोधन बिल पर नवीन पटनायक का विरोध, बोले- ओडिशा के अधिकारों और राजस्व पर खतरा

SHIDDHANT
14 Aug 2026 10:28 PM IST
खनिज संशोधन बिल पर नवीन पटनायक का विरोध, बोले- ओडिशा के अधिकारों और राजस्व पर खतरा
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Odisha ओडिशा। ओडिशा के नेता प्रतिपक्ष और बीजू जनता दल (BJD) प्रमुख नवीन पटनायक ने संसद से पारित माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से इस मुद्दे पर तुरंत कदम उठाने और राज्य के हितों की रक्षा करने की अपील की है। नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि यह कानून ओडिशा की वित्तीय स्वायत्तता और प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य के संवैधानिक अधिकारों के लिए गंभीर चुनौती पैदा कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संशोधन से खनिज संपदा वाले राज्यों को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ सकता है और राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है और यहां से मिलने वाला खनन राजस्व स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक कल्याण योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक के प्रावधानों से राज्य सरकारों की राजस्व शक्तियों पर असर पड़ सकता है। नवीन पटनायक ने आरोप लगाया कि राज्य की खनिज संपदा पर अधिकारों को सीमित करने की कोशिश संघीय व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
केंद्र-राज्य संबंधों पर उठाए सवाल
नवीन पटनायक ने कहा कि यह मामला केवल किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि ओडिशा के भविष्य और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकारों के पास खनिज क्षेत्रों से जुड़े राजस्व अधिकार सीमित हो जाते हैं तो इसका सीधा असर विकास योजनाओं पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन से होने वाले प्रदूषण, विस्थापन और अन्य समस्याओं का भार राज्य को उठाना पड़ेगा, जबकि इससे मिलने वाले आर्थिक लाभों पर राज्य का नियंत्रण कम हो जाएगा।
सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग
नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को मिलकर ओडिशा के संवैधानिक अधिकारों और खनिज राजस्व की सुरक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए। उन्होंने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इस संशोधन कानून के खिलाफ सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करने की भी मांग की। पटनायक ने कहा कि राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए विधानसभा में मजबूत संदेश देना जरूरी है।
संघीय ढांचे पर खतरे का दावा
BJD प्रमुख ने कहा कि भारत की संघीय व्यवस्था में वित्तीय स्वायत्तता एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। उन्होंने दावा किया कि यह संशोधन केंद्र और राज्यों के बीच संतुलन को प्रभावित कर सकता है और सहकारी संघवाद की भावना के खिला फ जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे ओडिशा के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द कदम उठाएं। पटनायक ने कहा कि राज्य की प्राकृतिक संपदा पर पहला अधिकार यहां के लोगों का है और सरकार को उनके हितों की रक्षा करनी चाहिए।
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