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प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ. चंद्रशेखर पाखमोडे का हार्ट अटैक से निधन

SHIDDHANT
6 Aug 2026 12:26 AM IST
प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ. चंद्रशेखर पाखमोडे का हार्ट अटैक से निधन
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Nagpur नागपुर। देश के प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ. चंद्रशेखर पाखमोडे का महज 50 वर्ष की आयु में आकस्मिक हृदयाघात (हार्ट अटैक) से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से चिकित्सा जगत, मरीजों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि निधन से केवल तीन दिन पहले उनकी ईसीजी (ECG) रिपोर्ट सामान्य बताई गई थी।
जानकारी के अनुसार, डॉ. पाखमोडे पूरी तरह सक्रिय थे और नियमित रूप से मरीजों का इलाज कर रहे थे। सामान्य ईसीजी रिपोर्ट के बाद भी अचानक आए हार्ट अटैक ने सभी को हैरान कर दिया। यह घटना इस बात की ओर भी इशारा करती है कि केवल सामान्य ईसीजी रिपोर्ट हृदय संबंधी सभी संभावित जोखिमों को पूरी तरह खारिज नहीं कर सकती।
डॉ. चंद्रशेखर पाखमोडे नागपुर के प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जनों में गिने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे चिकित्सकीय करियर में हजारों जटिल न्यूरोसर्जरी सफलतापूर्वक कीं और अनगिनत मरीजों को नया जीवन दिया। उनके निधन को चिकित्सा क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
उनके सहयोगियों, डॉक्टरों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. पाखमोडे न केवल कुशल सर्जन थे, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशील और समर्पित चिकित्सक भी थे। उनके निधन से चिकित्सा समुदाय ने एक अनुभवी विशेषज्ञ को खो दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हृदय रोगों के जोखिम का आकलन केवल ईसीजी से नहीं किया जा सकता। कई मामलों में इकोकार्डियोग्राफी, टीएमटी, सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी और अन्य जांचों की भी आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक थकान या अन्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
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