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डिजिटल शिक्षा की रफ्तार धीमी, 40% जिलों का खराब प्रदर्शन

Saba Naaz
11 July 2026 9:14 PM IST
डिजिटल शिक्षा की रफ्तार धीमी, 40% जिलों का खराब प्रदर्शन
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Bharat: देश में स्कूली शिक्षा को डिजिटल बनाने के प्रयासों के बीच एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से कराए गए सर्वे में खुलासा हुआ है कि देश के 784 जिलों में से 327 जिले स्कूलों में डिजिटल लर्निंग के मामले में काफी पीछे हैं। इन जिलों में बच्चों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाने की सुविधाएं और संसाधन अभी भी पर्याप्त स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं।

सर्वे के अनुसार, डिजिटल लर्निंग में पिछड़े जिलों में बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के बड़ी संख्या में जिले शामिल हैं। बिहार और पश्चिम बंगाल के सभी जिले इस श्रेणी में पाए गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से 67 जिले डिजिटल शिक्षा के मामले में पीछे हैं। वहीं झारखंड के 24 जिलों में से 23 जिले भी न्यूनतम स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं।

शिक्षा मंत्रालय के इस सर्वे में देशभर के सभी 784 जिलों में स्कूली शिक्षा की स्थिति का मूल्यांकन किया गया। इसमें डिजिटल सुविधाओं, ऑनलाइन शिक्षा के संसाधनों और स्कूलों में तकनीक के इस्तेमाल जैसे कई पहलुओं को शामिल किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि कई जिले डिजिटल लर्निंग के लिए तय न्यूनतम 30 प्रतिशत स्कोर तक भी नहीं पहुंच सके।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कोडिंग और डिजिटल तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाए। हालांकि, सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि कई क्षेत्रों में अभी बुनियादी डिजिटल सुविधाओं की कमी बनी हुई है।

बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को लेकर कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। इनमें स्कूलों में कंप्यूटर की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा, शिक्षकों का डिजिटल प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों की कमी प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर और असम जैसे राज्यों के भी अधिकांश जिले डिजिटल लर्निंग में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। इन राज्यों के कई जिले न्यूनतम 30 प्रतिशत स्कोर हासिल करने में भी पीछे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने के लिए केवल उपकरण उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है। इसके लिए स्कूलों में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, शिक्षकों को तकनीकी प्रशिक्षण और छात्रों को डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना जरूरी है।

सरकार लगातार डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, स्मार्ट क्लास और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से छात्रों तक शिक्षा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन सर्वे के आंकड़े संकेत देते हैं कि देश के कई जिलों में इन सुविधाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए अभी और काम करने की जरूरत है।

शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के बाद अब उन जिलों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, जहां डिजिटल शिक्षा की स्थिति कमजोर है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया जा सकता है, ताकि सभी छात्रों को समान डिजिटल शिक्षा का अवसर मिल सके।

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