भारत
घर बैठे 2 करोड़ की चपत! डिजिटल अरेस्ट गैंग के दो आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
jantaserishta.com
24 Oct 2026 3:58 PM IST

x
पुलिस ने किया खुलासा.
मुंबई: महाराष्ट्र की बुलढाणा साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में दो आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खामगांव के एक बुजुर्ग को निशाना बनाया था। पुलिस के मुताबिक, जालसाजों ने सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर बुजुर्ग को डराया और उनसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करा लिए।
खुद को TRAI, क्राइम ब्रांच और CBI-ED का अधिकारी बताया
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बुजुर्ग को फोन कर खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI), मुंबई क्राइम ब्रांच और CBI-ED का अधिकारी बताया। इसके बाद वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहनकर सामने आए।
आरोपियों ने बुजुर्ग से कहा कि उनके मोबाइल नंबर और बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और गंभीर अपराधों में हुआ है। उन्होंने गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए दावा किया कि बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है। विश्वास दिलाने के लिए जालसाजों ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और सरकारी मुहर वाले नोटिस भी दिखाए।
जांच के नाम पर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए पैसे
आरोपियों ने बुजुर्ग को भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद उनके पैसे वापस कर दिए जाएंगे। इसके लिए उन्हें कई बैंक खातों में रकम जमा करने को कहा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की बातों में आकर बुजुर्ग ने करीब 2 करोड़ रुपये उनके बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
काफी समय बीतने के बाद भी जब पैसे वापस नहीं मिले, तब बुजुर्ग को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने खामगांव में साइबर पुलिस से शिकायत की।
बैंक ट्रेल और मोबाइल लोकेशन से कोलकाता पहुंची पुलिस
शिकायत मिलने के बाद बुलढाणा साइबर सेल ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की। बैंक लेनदेन और मोबाइल लोकेशन से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने कोलकाता में कार्रवाई की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में इस मामले के पीछे एक संगठित गिरोह होने की आशंका सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह कथित तौर पर VPN, फर्जी सिम कार्ड और दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करता था।
म्यूल अकाउंट के जरिए ठगी की रकम छिपाने का आरोप
जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम को कई बैंक खातों के जरिए अलग-अलग चरणों में ट्रांसफर किया जाता था, ताकि पैसे के वास्तविक स्रोत और लाभार्थियों का पता लगाना मुश्किल हो जाए। ऐसे बैंक खातों को आम तौर पर म्यूल अकाउंट कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को इधर-उधर भेजने के लिए किया जाता है।
पुलिस ने ठगी की कुछ रकम फ्रीज करने की जानकारी दी है। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों और मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से कैसे बचें?
डराने वाले फोन कॉल से सावधान रहें: फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांगने वालों पर भरोसा न करें।
पैसे ट्रांसफर न करें: किसी कथित जांच के नाम पर निजी बैंक खातों में रकम भेजने से बचें।
दस्तावेजों की पुष्टि करें: वर्दी, सरकारी लोगो या मुहर दिखाना किसी व्यक्ति के अधिकारी होने का प्रमाण नहीं है।
तुरंत शिकायत करें: साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर भारत की साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





