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रोज-रोज के धरने से नाराज लोगों ने डफली गैंग को हटाया
Delhi दिल्ली। दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। कुछ युवतियां अपने अंदाज में सरकार और चुनावी व्यवस्था के खिलाफ विरोध दर्ज कराती नजर आईं। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने प्रदर्शन का विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में दिनभर चुनाव आयोग तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अलग-अलग संगठनों और विपक्षी दलों से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के कारण सुरक्षा कड़ी रही। दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग और अतिरिक्त बल की तैनाती की थी।
जनपद रोड के व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से लगातार हो रहे अवैध धरना-प्रदर्शनों से उनका रोजाना का कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों के मुताबिक अधिकारियों ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। इसके बाद नाराज व्यापारियों ने डफली गैंग के सदस्यों को वहां से खदेड़ दिया।
दिल्ली के कनॉट प्लेस में कॉकरोचों के खिलाफ जनता का गुस्सा देखा गया, आज अगर दिल्ली पुलिस नही होती तो ..... https://t.co/p45YMZ7HdX
— Himanshu Neema (@HimanshuNeema2) October 6, 2026
बताया जा रहा है कि कनॉट प्लेस में प्रदर्शन कर रही कुछ युवतियों के नारों और विरोध के तरीके पर मौके पर मौजूद लोगों ने आपत्ति जताई। इसके बाद कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों का विरोध किया और वहां से हटने को कहा। इस दौरान माहौल गर्म हो गया। हालांकि इस विशेष घटनाक्रम को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मंगलवार को दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत INDIA गठबंधन के सांसद भी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए थे। पुलिस ने मार्च को रोक दिया था और बाद में कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। आकाशवाणी भवन के पास लंबे धरने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।
इससे पहले 2 अक्टूबर को भी जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस क्षेत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की थीं। पुलिस ने निषेधाज्ञा और बिना अनुमति प्रदर्शन का हवाला दिया था। इन घटनाओं के बीच राजधानी में विरोध प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और आम लोगों की प्रतिक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। फिलहाल कनॉट प्लेस की घटना से जुड़े वीडियो और दावों की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।
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