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देर रात हजारों नर्सें सड़कों पर उतरीं, सरकार के सामने रखीं बड़ी मांगें

SHIDDHANT
5 Oct 2026 11:53 PM IST
देर रात हजारों नर्सें सड़कों पर उतरीं, सरकार के सामने रखीं बड़ी मांगें
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चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक हजार से अधिक नर्सों और मिड-लेवल हेल्थ वर्कर्स ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी स्वास्थ्य कर्मियों ने नौकरी की सुरक्षा, वेतन में बढ़ोतरी और अन्य राज्यों की तरह कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) का पदनाम दिए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नर्स और मिड-लेवल हेल्थ वर्कर्स शामिल हुए। स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी सेवा से संबंधित मांगों को उठा रहे हैं और अब सरकार से इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की अपेक्षा कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में नौकरी की सुरक्षा शामिल है। स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी सेवा शर्तों को बेहतर करने और रोजगार को लेकर बनी अनिश्चितता को दूर करने की मांग की। उनका कहना है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें भविष्य की नौकरी को लेकर सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसके अलावा प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग भी की। उनका कहना है कि उनके काम और जिम्मेदारियों को देखते हुए पारिश्रमिक में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
प्रदर्शन का एक अन्य प्रमुख मुद्दा CHO यानी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के पदनाम से जुड़ा रहा। नर्सों और मिड-लेवल हेल्थ वर्कर्स ने मांग की कि तमिलनाडु में भी उन्हें अन्य राज्यों की तर्ज पर CHO का पदनाम दिया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अलग-अलग राज्यों में समान प्रकृति का काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को मिलने वाले पदनाम और सुविधाओं के अनुरूप तमिलनाडु में भी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी चेन्नई में एकत्र हुए।
एक हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों की मौजूदगी के कारण प्रदर्शन ने व्यापक रूप लिया। नर्सों और मिड-लेवल हेल्थ वर्कर्स ने अपनी मांगों को सामने रखते हुए रोजगार सुरक्षा और आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों और मिड-लेवल हेल्थ वर्कर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। प्राथमिक स्तर पर मरीजों की देखभाल से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में ये कर्मचारी जिम्मेदारी निभाते हैं। प्रदर्शनकारी इसी भूमिका के अनुरूप बेहतर सेवा शर्तों की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में प्रदर्शनकारियों की मांगों पर तमिलनाडु सरकार या संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की ओर से नौकरी की सुरक्षा, वेतन बढ़ोतरी और CHO पदनाम की तीन प्रमुख मांगें सामने रखी गई हैं।
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