
x
परमाणु कार्यक्रम फिर चर्चा में
Tehran तेहरान। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपने परमाणु केंद्रों पर लंबे समय तक और उच्च स्तर के अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण के लिए सहमत हो गया है। ट्रंप ने इसे “न्यूक्लियर ईमानदारी” सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
ट्रंप के अनुसार, ईरान के साथ चल रही बातचीत में अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण एक प्रमुख शर्त थी। उन्होंने कहा कि यदि तेहरान परमाणु केंद्रों की निगरानी और जांच के लिए तैयार नहीं होता, तो आगे कोई वार्ता संभव नहीं होती। ट्रंप ने यह भी कहा कि व्यापक निरीक्षण से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों तक ही सीमित रहे।
अमेरिका की चिंता विशेष रूप से उस समृद्ध यूरेनियम को लेकर बताई जा रही है, जो 2025 में ईरानी परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों के बाद भूमिगत क्षेत्रों में मौजूद होने की आशंका है। माना जा रहा है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के माध्यम से इन परमाणु गतिविधियों की निगरानी चाहता है।
हालांकि, ट्रंप के दावों के विपरीत ईरान ने ऐसी किसी सहमति की पुष्टि नहीं की है। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षकों की यात्रा या निरीक्षण का कोई निर्धारित कार्यक्रम नहीं है। ईरान का कहना है कि परमाणु मामलों को लेकर किसी भी निर्णय की घोषणा आधिकारिक माध्यमों से ही की जाएगी। विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के अलग-अलग दावों से आने वाले दिनों में कूटनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।
Tagsडोनाल्ड ट्रंपईरान परमाणु कार्यक्रमन्यूक्लियर इंस्पेक्शनIAEAअमेरिका ईरान संबंधन्यूक्लियर ईमानदारीयूरेनियमपरमाणु केंद्रतेहरानअंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसीपरमाणु निगरानीअमेरिका विदेश नीतिवैश्विक सुरक्षापरमाणु विवादईरान समाचारDonald TrumpIran nuclear programnuclear inspectionUS-Iran relationsnuclear integrityuraniumnuclear facilityTehranInternational Atomic Energy Agencynuclear watchdogUS foreign policyglobal securitynuclear disputeIran news
Next Story





