
आंध्र प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। इस दौरान एल नीनो के प्रभाव, किसानों से जुड़े मुद्दों और अमरावती राजधानी परियोजना के कामों की प्रगति सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों का मानसून सत्र बुलाया है। राज्य की एकमात्र विपक्षी पार्टी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) पहले ही यह फैसला कर चुकी है कि विपक्ष के नेता (एलओपी) का दर्जा नहीं दिए जाने के विरोध में वह विधानसभा का बहिष्कार जारी रखेगी।
पार्टी ने विधान परिषद में जनहित के मुद्दे उठाने का फैसला किया है। उसने शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित मेगा डीएससी-2025 में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाने की भी घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी और अन्य पार्टी विधायकों की जिम्मेदारी है कि वे सत्र में शामिल हों। उन्होंने कहा कि उन्हें सदन में आकर सवाल उठाने चाहिए।
पिछले सप्ताह विधानसभा अध्यक्ष ने सवाल किया था कि जो वाईएसआरसीपी विधायक विधानसभा सत्र में शामिल नहीं होने का फैसला कर चुके हैं, उन्हें वेतन क्यों दिया जाए। उन्होंने कहा था कि विधायकों को जनता के मुद्दों पर चर्चा करने और अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याएं विधानसभा में उठाने के लिए चुना जाता है।
उन्होंने कहा कि जो विधायक विधानसभा सत्र में भाग नहीं लेते, उन्हें वेतन नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए और इसके लिए उचित कानून बनाया जाना चाहिए।





