धर्म-अध्यात्म

"Dhanteras 2025: धनतेरस पर 'ब्रह्म योग' समेत बन रहे शुभ संयोग, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा"

Harrison
9 Oct 2025 6:52 PM IST
Dhanteras 2025: धनतेरस पर ब्रह्म योग समेत बन रहे शुभ संयोग, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : Dhanteras 2025: इस बार की धनतेरस बेहद खास रहने वाली है। पंचांग के अनुसार, 2025 में धनतेरस के दिन 'ब्रह्म योग' समेत कई शुभ और मंगलकारी योग बन रहे हैं। यह संयोग न केवल खरीदारी के लिए उत्तम रहेगा, बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा पाने का सुनहरा अवसर भी प्रदान करेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन की गई पूजा और निवेश व्यक्ति के जीवन में समृद्धि और सौभाग्य लेकर आता है।
धनतेरस कब है?
2025 में धनतेरस 18 अक्टूबर, शनिवार को मनाई जाएगी। यह पर्व दीपावली से दो दिन पहले आता है और इसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
इस बार बन रहे हैं खास संयोग और शुभ मुहूर्त:
इस वर्ष धनतेरस पर ‘ब्रह्म योग’, ‘शिव योग’ और ‘धनिष्ठा नक्षत्र’ जैसे कई अत्यंत शुभ योग बन रहे हैं। ये सभी योग समृद्धि, सुख-शांति और स्थायी लाभ देने वाले माने जाते हैं।
इस योग में किया गया कार्य लंबे समय तक फलदायी होता है। यह पूजा, खरीदारी और निवेश के लिए सबसे शुभ योगों में से एक है।
शिव योग:
इस योग में मां लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी होती है। जीवन से दरिद्रता और दुर्भाग्य दूर होता है।
धनिष्ठा नक्षत्र:
यह नक्षत्र धन लाभ और स्थायित्व का प्रतीक है। इस नक्षत्र में की गई खरीदारी लंबे समय तक लाभ देती है।
धनतेरस पूजन और खरीदारी के शुभ मुहूर्त:
पूजन मुहूर्त: 18 अक्टूबर 2025 को शाम 6:45 बजे से रात 8:15 बजे तक
खरीदारी का श्रेष्ठ समय: दोपहर 12:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:50 से 12:35 बजे तक (इस समय कोई भी कार्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है)
धनतेरस पर क्या खरीदें?
धनतेरस पर खरीदारी को बेहद शुभ माना जाता है, विशेषकर धातु से बनी वस्तुएं और नई चीजें इस दिन खरीदी जाती हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई खरीदारी जीवन में धन, वैभव और स्थायित्व लाती है।
इन चीजों की खरीदारी करें:
सोना, चांदी, पीतल के बर्तन
इलेक्ट्रॉनिक सामान
वाहन
आभूषण
स्टील के नए बर्तन
झाड़ू (वास्तु के अनुसार समृद्धि का प्रतीक)
क्या न खरीदें:
कांच, प्लास्टिक की चीजें
काले रंग की वस्तुएं
इस्तेमाल की हुई वस्तुएं
लोहे की वस्तुएं (शनि दोष वाले लोग बचें)
धनतेरस की पूजा विधि:
घर को साफ-सुथरा करें और मुख्य द्वार पर रंगोली व दीपक लगाएं।
पूजा स्थान पर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर जी की प्रतिमा रखें।
हल्दी, चावल, फूल, दीपक और मिठाई से विधिपूर्वक पूजा करें।
13 दीपक जलाकर घर के हर कोने में रखें।
लक्ष्मी माता के मंत्र का जाप करें –
"ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः"
धनतेरस का महत्व:
आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि का इसी दिन समुद्र मंथन से अमृत कलश के साथ प्रकट होना हुआ था।
मां लक्ष्मी की पूजा से घर में दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मी स्थायी निवास करती हैं।
व्यापारी वर्ग के लिए यह दिन नए लेन-देन और खाता बही की शुरुआत का होता है।
ज्योतिषाचार्यों की सलाह:
पंडितों के अनुसार, 2025 की धनतेरस विशेष रूप से शुभ है क्योंकि इतने मंगलकारी योग एक साथ आना दुर्लभ होता है। जो लोग नए व्यापार, संपत्ति निवेश या कीमती वस्तुओं की खरीदारी की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह दिन अत्यंत लाभकारी रहेगा।
धनतेरस 2025 न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद फलदायी रहेगा। इस दिन बनने वाले शुभ योग और नक्षत्रों के प्रभाव से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। सही मुहूर्त में पूजन और खरीदारी कर आप अपने जीवन में सुख, समृद्धि और वैभव को आमंत्रित कर सकते हैं।
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